दिल्ली: मोदी सरकार में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था, जिसके बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद से अलग होने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जानकारी दी गई है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
राज्यसभा चुनावों में नहीं मिला दोबारा मौका
सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में जॉर्ज कुरियन को दोबारा मौका नहीं दिया, जिसके कारण उनका संसदीय कार्यकाल समाप्त होते ही यह बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। जॉर्ज कुरियन न केवल अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे, बल्कि वे मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
मंत्रिपरिषद में एक महत्वपूर्ण बदलाव
केरल के कोट्टायम से आने वाले जॉर्ज कुरियन का जन्म 1960 में हुआ था। वे पेशे से सुप्रीम कोर्ट में वकील रह चुके हैं और लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। उनके इस्तीफे के बाद मोदी सरकार में मंत्रिपरिषद में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि वे केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय से आने वाले एकमात्र मंत्री थे।