Budget Session 2026: नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है, जो 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने से होगी। इस अभिभाषण के बाद बजट सत्र की कार्यवाही तेज़ होगी। बजट सत्र को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल इस दौरान संसद की कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं।
1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट 2026-27:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। बजट से अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को लेकर बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है। बजट सत्र से एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की गई।
बजट 2026 से मेडिकल डिवाइस सेक्टर को बड़ी उम्मीदें:
एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (AiMeD) के फोरम कोऑर्डिनेटर राजीव नाथ ने कहा कि 2025 भारत के मेडिकल डिवाइस सेक्टर के लिए स्थिर और सकारात्मक रहा। सरकार ने मेडटेक इंडस्ट्री को स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ आर्थिक विकास का अहम स्तंभ माना। उन्होंने बताया कि मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023, घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता घटाने और नियामक भरोसा मजबूत करने पर लगातार चर्चा हुई, जिससे खासकर MSME सेक्टर को मजबूती मिली।
बजट 2026 के लिए AiMeD की प्रमुख मांगें:
आयात शुल्क 7.5% से बढ़ाकर 10–15% किया जाए
सरकारी खरीद में ICMED सर्टिफिकेशन को प्राथमिकता
डिवाइस लेबल पर देश में बने हिस्से का प्रतिशत अनिवार्य हो
50% से अधिक लोकल वैल्यू एडिशन करने वाली कंपनियों को विशेष इंसेंटिव
राजीव नाथ ने कहा कि इन कदमों से भारत वैश्विक मेडटेक हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकता है।
बीमा सेक्टर की बजट से बड़ी उम्मीद:
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ शरद माथुर ने कहा कि “2047 तक सबके लिए बीमा” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को स्पष्ट और समयबद्ध रोडमैप बनाना होगा। उन्होंने बजट में निम्न मांगें रखीं, साझा डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का निर्माण, ग्रामीण और कमजोर वर्गों में बीमा जागरूकता के लिए बजटीय प्रावधान, सरकारी बीमा योजनाओं में प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना, उनका कहना है कि इससे बीमा सस्ता होगा और पहली बार बीमा लेने वालों तक इसकी पहुंच आसान बनेगी। बजट सत्र 2026 न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि स्वास्थ्य, मेडिकल डिवाइस और बीमा जैसे अहम सेक्टरों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हैं।