नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर जोरदार बहस देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए बिल की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
खड़गे बोले- बिल में मजबूत व्यवस्था का अभाव
चर्चा की शुरुआत करते हुए खड़गे ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी समाधान देने में विफल रही है। उनके अनुसार मौजूदा संशोधन विधेयक में ऐसी ठोस व्यवस्थाएं नहीं हैं, जो भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोक सकें।
खड़गे के प्रमुख बयान
"इस बिल में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं है।"
"यह विधेयक छात्रों के आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद लाया गया है।"
"छात्र लंबे समय तक प्रदर्शन करते रहे, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद नहीं किया।"
"20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस, पेलेट गन और इलेक्ट्रिक बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया गया।"
"कई छात्र घायल हुए और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।"
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी आवश्यकता है।
RSS और पाठ्यक्रम को लेकर भी उठाए सवाल
अपने भाषण के दौरान खड़गे ने विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम और नियुक्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ शैक्षणिक संस्थानों में पाठ्यक्रम और नियुक्तियों को लेकर विवादास्पद फैसले लिए जा रहे हैं। इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
अमित शाह से मांगा जवाब
खड़गे ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को 20 जुलाई की घटनाओं पर संसद में जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किस स्तर पर दी गई और इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा।
'जनता जवाब मांगेगी' बयान पर बढ़ा विवाद
बहस के दौरान खड़गे ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक सवालों से लंबे समय तक बच नहीं सकती और एक दिन जनता जवाब जरूर मांगेगी। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। हालांकि खड़गे ने कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बात कही है।
राज्यसभा में बहस जारी
एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा जारी है। सरकार और विपक्ष के बीच पेपर लीक, छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली को लेकर लगातार तीखी बहस हो रही है। आने वाले वक्ताओं के बयान के साथ सदन की कार्यवाही पर सभी की नजर बनी हुई है।