रायपुर: भारत की अग्रणी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML) ने स्वतंत्र कंपनी बनने के बाद अपनी पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस अवधि में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ दर्ज किया। इसके साथ ही निवेशकों के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के पहले अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) की भी घोषणा की गई है।
राजस्व में 45% की जोरदार बढ़ोतरी
30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹21,105 करोड़ रही। यह पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने बेहतर उत्पादन, मजबूत बिक्री और अनुकूल बाजार कीमतों के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
रिकॉर्ड EBITDA और मुनाफे में बड़ी छलांग
वेदांता एल्युमिनियम का EBITDA ₹10,499 करोड़ रहा, जो कंपनी के इतिहास का सबसे ऊंचा स्तर है। यह तिमाही आधार पर 24 प्रतिशत और सालाना आधार पर 134 प्रतिशत बढ़ा है। लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के चलते EBITDA मार्जिन बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) ₹6,597 करोड़ रहा, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 33 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 205 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
कर्ज घटा, वित्तीय स्थिति हुई और मजबूत
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है। नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात घटकर 1.3 से 0.9 पर आ गया है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए CRISIL और ICRA ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA+ (Stable) कर दी है।
उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड
पहली तिमाही में कंपनी ने 632 किलो टन (KT) एल्युमिनियम का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है। यह पिछली तिमाही से 3 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (VAP) का उत्पादन बढ़कर 389 किलो टन पहुंच गया, जबकि एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।
₹8 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी है। इसे मजबूत नकदी प्रवाह और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन का संकेत माना जा रहा है।
CEO बोले- मजबूत रणनीति का मिला परिणाम
वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्र कंपनी के रूप में पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन दक्षता और वैल्यू एडेड उत्पादों पर फोकस कंपनी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाएगा।
CFO ने बताई विकास की रणनीति
मुख्य वित्तीय अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा कि रिकॉर्ड आय और मुनाफे के साथ कंपनी ने मजबूत शुरुआत की है। बेहतर बैलेंस शीट और मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल आने वाले वर्षों में विस्तार योजनाओं को गति देने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए कंपनी पूरी तरह तैयार है।
ESG और सामाजिक विकास में भी बेहतर प्रदर्शन
वेदांता एल्युमिनियम ने वित्तीय उपलब्धियों के साथ पर्यावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।
मुख्य उपलब्धियां
CSR कार्यक्रमों के जरिए लगभग 4 लाख लोगों तक सहायता पहुंची।
72 हजार लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण मिला।
27 लाख महिलाओं और बच्चों को विभिन्न सामाजिक योजनाओं का लाभ मिला।
नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग 70.1 करोड़ यूनिट तक पहुंचा।
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में करीब 3 प्रतिशत की कमी आई।
49 लाख घन मीटर पानी का पुनः उपयोग किया गया।
अब तक 29 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है।
कार्यस्थल पर 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखते हुए LGBTQ+ कर्मचारियों की भागीदारी भी बढ़ाई गई।
वैश्विक विस्तार पर कंपनी का फोकस
कंपनी का कहना है कि वह दुनिया की सबसे प्रतिस्पर्धी और पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम कंपनियों में शामिल होने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उत्पादन क्षमता विस्तार, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स और टिकाऊ विकास रणनीति के जरिए वेदांता एल्युमिनियम आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है।