US-Israel-Iran War : मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष और तेज हो गया है। ईरान ने UAE और इजरायल पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि फिलहाल सीजफायर की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।
UAE और दुबई पर ईरान का हमला
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई के दक्षिणी इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कुछ घरों को नुकसान पहुंचा है और कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है।
इजरायल पर भी दागीं मिसाइलें
ईरान ने सेंट्रल इजरायल को भी निशाना बनाया, जहां कई मिसाइलें दागी गईं। राहत और बचाव एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों में छह लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि क्लस्टर बम के उप-बारूद के विस्फोट से ये लोग जख्मी हुए।
ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने अरब देशों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान सऊदी अरब को अपना “भाई” मानता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान का अभियान केवल अमेरिका और इजरायल के ठिकानों के खिलाफ है। उन्होंने अरब देशों से अपील की कि यह सही समय है जब वे अपने यहां से अमेरिकी सेना को बाहर निकालें।
खाड़ी में जहाज पर हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में एक जहाज को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान या हताहतों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अमेरिका में बढ़ीं पेट्रोल की कीमतें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखने लगा है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है, जो 2022 के बाद पहली बार हुआ है। इससे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ऐसी स्थिति बनी थी।
भारत में भी दिखा असर
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ईरानी दूतावास पहुंचे और उन्होंने इस युद्ध को इंसानियत के खिलाफ बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संघर्ष के खिलाफ आवाज उठाएं।
अमेरिका का बड़ा ऐलान जल्द
अमेरिका ने अपने सैन्य ऑपरेशन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की घोषणा की है। उम्मीद है कि इसमें युद्ध को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। UAE, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में हमलों से हालात और गंभीर हो गए हैं। वैश्विक स्तर पर इसका असर तेल की कीमतों और सुरक्षा पर साफ दिख रहा है। फिलहाल, शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।