वॉशिंगटन। US Tariffs on Brazil: अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 के तहत ब्राजील से आयातित कई वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला लगभग एक वर्ष तक चली जांच और दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद लिया गया है।
ब्राजील की नीतियों पर अमेरिका के गंभीर आरोप
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने कहा कि विस्तृत जांच और सार्वजनिक सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि ब्राजील की कई व्यापारिक नीतियां अमेरिकी कंपनियों और श्रमिकों के लिए नुकसानदायक हैं। अमेरिका का आरोप है कि ब्राजील की नीतियां अनुचित और भेदभावपूर्ण हैं, जिससे अमेरिकी उत्पादकों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है। जांच में डिजिटल व्यापार, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवाएं, अधिमान्य टैरिफ, भ्रष्टाचार-रोधी उपाय, बौद्धिक संपदा संरक्षण, इथेनॉल बाजार तक पहुंच और अवैध वनों की कटाई जैसे मुद्दों को अमेरिकी हितों के खिलाफ माना गया।
'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत कार्रवाई
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के अनुरूप उठाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि ब्राजील अमेरिकी टेक कंपनियों के साथ भेदभाव कर रहा है और अवैध रूप से वनों की कटाई वाली जमीन पर कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देकर अपने किसानों को अनुचित लाभ पहुंचा रहा है। अमेरिका का दावा है कि इन नीतियों के कारण 21 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं वाले ब्राजील के बाजार में अमेरिकी कंपनियों की पहुंच सीमित हो गई है।
ब्राजील ने फैसले को बताया अनुचित
ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डी सिल्वा की सरकार ने अमेरिकी फैसले का कड़ा विरोध किया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस कार्रवाई को दोनों देशों के संबंधों में "दुर्भाग्यपूर्ण मोड़" बताते हुए कहा कि यह एकतरफा कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। ब्राजील का कहना है कि पिछले 15 वर्षों में अमेरिका को ब्राजील के साथ व्यापार में 424.5 अरब डॉलर का अधिशेष मिला है। ऐसे में अमेरिका की कार्रवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। ब्राजील ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस जांच की वैधता को स्वीकार नहीं करता।
मार्को रुबियो ने लुला सरकार पर साधा निशाना
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ब्राजील सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति लुला ने अमेरिका के साथ अच्छी नीयत से बातचीत नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राजील सरकार ने अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम यह टैरिफ है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो भविष्य में बातचीत के जरिए व्यापारिक विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।
किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?
अमेरिका के इस फैसले से ब्राजील के हजारों निर्यात उत्पाद प्रभावित होंगे। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं को टैरिफ से राहत दी गई है। इनमें बीफ, कॉफी, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (Rare Earths) विमान के पुर्जे शामिल हैं, इन उत्पादों को फिलहाल नए टैरिफ से बाहर रखा गया है।
क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ब्राजील के बीच बढ़ता यह व्यापारिक विवाद वैश्विक बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर डाल सकता है। हालांकि, दोनों देशों ने बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं, जिससे भविष्य में किसी समझौते की संभावना बनी हुई है।