उज्जैन : उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आज से उमा-सांझी महोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। 6 से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस सात दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही सभामंडप में प्रतिदिन शाम 5 से 6:30 बजे तक योगेश पुरंदरे ढोली बुआ महाराज, ग्वालियर और सहयोगियों द्वारा हरि कीर्तन किया जाएगा।
महाकाल के मुखौटों से झांकियां सजाई जाएंगी
श्राद्ध पक्ष में आयोजित उमा-सांझी महोत्सव के दौरान मंदिर के पुजारी और पुरोहित प्राचीन सांझी शिला पर प्रतिदिन आकर्षक रंगोली सजाएंगे। भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों के मुखौटों से झांकियां भी सजाई जाएंगी। महाकाल महालोक में लोक गायन और लोक नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।
6 अक्टूबर: घट स्थापना और वसंत पूजा
मंगलवार को घट स्थापना के साथ महोत्सव की शुरुआत होगी। संध्या आरती के बाद 21 ब्राह्मणों द्वारा वसंत पूजा की जाएगी। महाकाल महालोक में लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में संजय महाजन का लोक नृत्य समूह और ममता मिश्रा का लोक गायन होगा।
7 अक्टूबर: चित्रकला प्रतियोगिता
बुधवार को चित्रकला प्रतियोगिता होगी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में शीला त्रिपाठी का लोक गायन, डॉ. संजना चौहान का लोक नृत्य समूह और काव्या नागर का लोक नृत्य होगा।
8 अक्टूबर: श्लोक पाठ प्रतियोगिता
गुरुवार को श्लोक पाठ प्रतियोगिता आयोजित होगी। शाम के कार्यक्रम में गायत्री धाकड़, मंदसौर और शीतल अत्रे, इंदौर का लोक गायन तथा प्रतिभा संगीत कला संस्थान, उज्जैन का लोक नृत्य समूह प्रस्तुति देगा।
9 अक्टूबर: रंगोली प्रतियोगिता
शुक्रवार को रंगोली प्रतियोगिता होगी। इसके बाद तृप्ति नागर, उज्जैन और प्रियंका सेन मालव प्रेम नाट्य कला केंद्र, उज्जैन का लोक गायन तथा सानिका साठे, जयपुर का लोक नृत्य होगा।