पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। चुनावी मुकाबले में बढ़त बनाने की रणनीति के तहत पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 40 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। पार्टी ने अपने अनुभवी नेताओं, मौजूदा विधायकों और सरकार के प्रमुख चेहरों पर एक बार फिर भरोसा जताया है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच हुई अहम बैठक के बाद उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बनी। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज कुमार गुप्ता ने 31 अक्टूबर को आधिकारिक सूची जारी की। पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर विधानसभा अध्यक्ष, डिप्टी स्पीकर और कई कैबिनेट मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
धुरी से चुनाव लड़ेंगे CM भगवंत मान, स्पीकर कोटकपूरा से उम्मीदवार
AAP की पहली सूची में सबसे चर्चित नाम मुख्यमंत्री भगवंत मान का है। पार्टी ने उन्हें संगरूर जिले की धुरी विधानसभा सीट (107) से दोबारा प्रत्याशी बनाया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा (88) से टिकट दिया गया है।
इसके अलावा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय किशन सिंह रोड़ी को गढ़शंकर (45) से उम्मीदवार घोषित किया गया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने अपने प्रमुख विधायी चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने का संकेत दिया है।
मान सरकार के मंत्रियों पर AAP का भरोसा बरकरार
पहली सूची में भगवंत मान सरकार के कई मंत्रियों को उनकी मौजूदा विधानसभा सीटों से फिर मौका दिया गया है। पार्टी ने अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा उर्फ जिम्पा और करतारपुर से बलकार सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं अमृतसर साउथ से डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर और लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा को चुनावी टिकट दिया गया है। पार्टी की इस रणनीति को अपने मौजूदा नेताओं और सरकार के कामकाज के आधार पर चुनाव लड़ने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
चन्नी, कैप्टन और सुखबीर बादल को हराने वाले चेहरों को फिर टिकट
AAP ने पिछली विधानसभा चुनाव में बड़े राजनीतिक दिग्गजों को शिकस्त देने वाले अपने नेताओं पर भी भरोसा जताया है। भदौड़ (102) से लाभ सिंह उगोके को दोबारा टिकट दिया गया है। उगोके ने पिछले विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हराकर सुर्खियां बटोरी थीं।
इसी तरह पटियाला (115) से अजीतपाल सिंह कोहली को फिर उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने पिछले चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पराजित किया था।
जलालाबाद से जगदीप कंबोज गोल्डी को भी पार्टी ने दोबारा चुनावी मैदान में उतारा है। उन्होंने पिछले चुनाव में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को शिकस्त दी थी।
माझा और दोआबा में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
पंजाब के माझा और दोआबा क्षेत्रों में भी AAP ने कई उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। बटाला से अमनशेर सिंह उर्फ शेरी कलसी, तरनतारन से हरमीत सिंह संधू और खेमकरण से सरवन सिंह धुन को टिकट दिया गया है।
इसके अलावा दसूया से करमबीर सिंह घुम्मन, उड़मुड़ से जसवीर सिंह राजा गिल और चब्बेवाल से डॉ. इशांक कुमार चब्बेवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। इन उम्मीदवारों के जरिए पार्टी ने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी चुनावी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
महिला उम्मीदवारों को भी मिला मौका
AAP की पहली सूची में महिला नेताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी ने नकोदर से इंद्रजीत कौर मान, बलाचौर से संतोष कटारिया, मोगा से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और तलवंडी साबो से प्रो. बलजिंदर कौर को चुनावी मैदान में उतारा है।
महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर पार्टी ने पहली सूची में महिला प्रतिनिधित्व को भी शामिल किया है।
मालवा क्षेत्र की इन सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित
पंजाब की राजनीति में अहम माने जाने वाले मालवा क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर भी AAP ने अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। फरीदकोट जिले की जैतो सीट से अमोलक सिंह, फाजिल्का से नरिंदरपाल सिंह सवना और मुक्तसर से जगदीप सिंह काका बराड़ को टिकट मिला है।
इसके साथ ही सरदुलगढ़ से गुरप्रीत सिंह बनावाली, महल कलां से कुलवंत सिंह पंडोरी और अमरगढ़ से जसवंत सिंह गज्जनमाजरा को उम्मीदवार बनाया गया है।
40 उम्मीदवारों की पहली सूची से AAP ने शुरू किया चुनावी शंखनाद
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सूची में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मौजूदा विधायक और महिला नेताओं को जगह दी गई है।
अब राजनीतिक नजरें पार्टी की अगली उम्मीदवार सूची और विपक्षी दलों की चुनावी तैयारियों पर रहेंगी। पंजाब में इस बार मुकाबला कितना दिलचस्प होगा और AAP अपने मौजूदा राजनीतिक आधार को कितना मजबूत रख पाएगी, इसका फैसला चुनावी नतीजों में होगा।