भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद जवानों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पुलिस जवानों के साहस, समर्पण और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, राष्ट्रीय अखंडता और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस एवं सशस्त्र बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
नक्सलवाद को प्रदेश से बाहर निकलना गर्व की बात
भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश को नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इस दौरान सीएम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बहादुरी से मोर्चा संभालने वाले जवानों के योगदान की सराहना भी की।
पुलिसकर्मियों की भर्ती, पदोन्नति पर सरकार का विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की भर्ती, पदोन्नति और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस बल को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के साथ आधुनिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पुलिस बैंड और होमगार्ड में नई भर्तियों के माध्यम से युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की सरकारी पहल का भी उल्लेख किया।
अब माता पिता को भी मिलेगा सहायता राशि में हिस्सा
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि के वितरण की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि अब से शहीद को मिलने वाली 1 करोड़ की राशि उनकी पत्नी के साथ अब उन्हें माता पिता को भी दी जाएगी। सीएम ने साफ़ कहा कि सहायता राशि का 50 प्रतिशत शहीद की पत्नी और शेष 50 प्रतिशत उनके बुजुर्ग माता-पिता को दिया जायेगा।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि
बता दे कि हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के बलिदान की स्मृति में देशभर में पुलिस स्मृति दिवस आयोजित किया जाता है।