MP Panchayat Secretary Conference : मध्यप्रदेश पंचायत सचिव महासम्मेलन में ग्राम पंचायत सचिवों को बड़ी सौगात मिली है। शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिवों से जुड़ी कई वर्षों पुरानी मांगों पर महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव मौजूद रहे।
बढ़ाई सेवा उम्र सीमा, विशेष भत्ते का ऐलान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत सचिवों की सेवा आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 7वें वेतनमान को लेकर 13 सितंबर 2023 से आदेश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
10 किस्तों में राशि वसूली का नियम खत्म
सीएम मोहन यादव ने एक बड़ा राहत भरा फैसला सुनाते हुए कहा कि अब पंचायत सचिवों से डेढ़ लाख रुपये की वसूली नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के निधन की स्थिति में 10 किस्तों में राशि वसूलने का नियम पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंच से दो टूक शब्दों में कहा कि यह फैसला पक्का है और इसे लागू किया जाएगा।
संविलियन के लिए बनेगी समिति
मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों के संविलियन की मांग पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष समिति का गठन किया जाएगा और बहुत जल्द इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सीएम ने यह भी बताया कि पंचायत सचिवों के लिए जिला कैडर का गठन, सेवा शर्तों में सुधार, नियमित प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है।
पंचायत सचिवों को बताया हनुमान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंचायत सचिवों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत पंचायत राज व्यवस्था से ही प्रदेश और देश मजबूत बनता है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भगवान राम के असंभव कार्य हनुमान जी ने पूरे किए, वैसे ही आज पंचायत सचिव गांव-गांव में कठिन से कठिन जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पंचायत सचिवों की नजर अगर किसी पर कृपा कर दे तो उसका जीवन संवर जाता है। लोग अपने घरवालों से ज्यादा भरोसा पंचायत सचिवों पर करते हैं और दुख-दर्द उनसे साझा करते हैं।
नारों के साथ सम्मेलन का समापन
महासम्मेलन के समापन पर मुख्यमंत्री ने मंच से नारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित में करेंगे काम, देश के हित में करेंगे काम, इसी दौरान महासंघ के एक पदाधिकारी ने सीएम को दूसरा नारा सुझाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा कि प्रदेश में लूंगा पूरा काम, काम के दूंगा पूरे दाम...