भोपाल : राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध हमीदिया अस्पताल में एमबीबीएस इंटर्न डाक्टर्स स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इंटर्न का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी। तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इंटर्न के हड़ताल पर जाने से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई है। बल्कि मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
14,337 रुपये मिलता है मासिक स्टाइपेंड
24 जुलाई से जारी इस हड़ताल को लेकर इंटर्न डाक्टर्स का कहना है कि उन्हें केवल 14,337 रुपये मासिक स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि 21 हजार से 44 हजार रुपये तक है. इंटर्न डाक्टर्स ने स्टाइपेंड बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
प्रदेश के करीब 2500 MBBS इंटर्न हड़ताल पर
बता दें कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 2500 MBBS इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हमीदिया अस्पताल के ही सभी 250 इंटर्न्स काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी स्टाइपेंड वृद्धि की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर राज्य सरकार और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर टिकी है। इधर, इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
स्टाइपेंड के मामले में प्रदेश 25वें स्थान पर
हमीदिया चिकित्सालय के इंटर्न डॉ.संकेश शर्मा ने बताया "उनकी सबसे बड़ी मांग इंटर्न डाक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रति माह किए जाने की है. दिल्ली-एनसीआर में करीब 30 हजार, राजस्थान में 21 हजार, झारखंड में 25 से 26 हजार तथा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 43 से 44 हजार तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है. एमबीबीएस की फीस के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे महंगे राज्यों में शामिल है. वर्तमान में करीब 1 लाख फीस ली जा रही है और इसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किए जाने की भी तैयारी चल रही है. इसके बावजूद स्टाइपेंड के मामले में प्रदेश 25वें स्थान पर है."