सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं को लेकर खाद्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में बड़ी मात्रा में चावल की कमी मिलने के बाद विभाग ने रायपुर की जोरा स्थित एक राशन दुकान के अध्यक्ष और विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग का कहना है कि अन्य दुकानों में भी भारी मात्रा में चावल का शॉर्टेज मिला है और यदि जल्द भरपाई नहीं की गई तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोरा दुकान में मिला 389 क्विंटल चावल कम
खाद्य विभाग के अनुसार, जोरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच के दौरान 389 क्विंटल चावल कम पाया गया था। इस चावल की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। विभाग ने संबंधित समिति के अध्यक्ष और विक्रेता को कई बार नोटिस जारी कर शॉर्टेज की भरपाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया।
नोटिस के बाद भी नहीं हुई भरपाई
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संबंधित दुकान संचालकों को चावल जमा कराने या उसके बराबर राशि जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद न तो खाद्यान्न लौटाया गया और न ही आर्थिक भरपाई की गई। इसी वजह से विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए एफआईआर दर्ज करानी शुरू कर दी है।
कई अन्य दुकानों में भी मिली भारी कमी
जांच के दौरान सेरीखेड़ी स्थित उचित मूल्य दुकान में करीब 450 क्विंटल चावल की कमी दर्ज की गई। वहीं आरंग क्षेत्र के कोसमखुटा गांव की दुकान में लगभग 220 क्विंटल चावल कम मिला। रायपुर शहर की दो दुकानों में 200 से 250 क्विंटल तक चावल का शॉर्टेज पाया गया है। इसके अलावा आरंग के गनौद गांव की दुकान में भी करीब 175 क्विंटल चावल कम होने का मामला सामने आया है।
खाद्य विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
रायपुर खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जिन दुकानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि संबंधित संचालक चावल या उसकी कीमत जमा नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और राशन सामग्री की हेराफेरी पर रोक लगाना है।