रायपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा हाल ही में की गई छापेमार कार्रवाई के बाद प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन करने वाले कृषि केंद्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर गौरव सिंह ने एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया है, जबकि तीन कृषि केंद्रों में उर्वरक बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं एक अन्य मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच में सामने आई कई अनियमितताएं
कृषि विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में संचालित कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई स्थानों पर उर्वरक भंडारण, बिक्री और दस्तावेजों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिना दस्तावेज उर्वरक वितरण पर नोटिस
आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा स्थित महानदी बीज भंडार में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संचालक आवश्यक स्रोत प्रमाण पत्र के बिना उर्वरक का भंडारण और वितरण कर रहा था। इस मामले में विभाग ने कलेक्टर के निर्देश पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
अवैध उर्वरक कारोबार का मामला लंबित
ग्राम कलई में एक निजी कंपनी द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से उर्वरक कारोबार किए जाने की जानकारी मिलने पर विभाग ने छापेमारी कर 35.05 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया था। इस मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाना बाकी है।
सुंदरम बीज भंडार का लाइसेंस निलंबित
आरंग के ग्राम लखौली स्थित सुंदरम बीज भंडार में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमित भंडारण और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही सामने आई थी। उर्वरक स्टॉक और बिक्री संबंधी आवश्यक रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इन गंभीर कमियों को देखते हुए कलेक्टर ने केंद्र का लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
तीन कृषि केंद्रों की बिक्री पर लगी रोक
धरसींवा के प्रयाग कृषि केंद्र, आरंग के इंदु कृषि सेवा केंद्र और अभनपुर के मिश्रा कृषि केंद्र में भी नियमों का पालन नहीं पाया गया। जांच के दौरान बिल बुक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की कमी सामने आने पर प्रशासन ने उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत इन केंद्रों में उर्वरक बिक्री पर रोक लगा दी है।
कलेक्टर को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। प्रशासन का कहना है कि कृषि आदान सामग्री की बिक्री में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।