केंद्र सरकार द्वारा चांदी के आयात पर रोक लगाए जाने के बाद सराफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है, क्योंकि घरेलू उत्पादन काफी कम है। ऐसे में आयात रुकने का असर आने वाले समय में सीधे बाजार पर दिखाई दे सकता है।
सप्लाई घटने से कीमतों में तेजी के आसार
व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल बाजार में मौजूद स्टॉक से कुछ समय तक काम चल जाएगा, लेकिन आने वाले महीनों में चांदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। सप्लाई कम होने और मांग बढ़ने की स्थिति में कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
चांदी के बढ़ते दामों को देखते हुए निवेशकों का रुझान भी तेजी से बढ़ा है। प्रदेश में हर दिन करोड़ों रुपये का निवेश चांदी में किया जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें लगातार ऊपर जाती हैं, तो निवेशक सही समय पर अपना स्टॉक बेचकर बड़ा लाभ कमा सकते हैं।
रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है चांदी
सराफा कारोबारियों का अनुमान है कि चांदी की कीमतें आने वाले समय में नए रिकॉर्ड बना सकती हैं। वर्तमान भाव लगभग 2.83 लाख रुपये चल रहा है, लेकिन सप्लाई संकट गहराने पर यह आंकड़ा चार लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
अवैध आयात की भी चर्चा
बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध रास्तों से चांदी की एंट्री की आशंका बनी रहेगी। हालांकि इस तरह आने वाली चांदी महंगी पड़ सकती है, जिससे बाजार में कीमतें और बढ़ सकती हैं।