पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान राजनीतिक सलाहकार संस्था IPAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सहित कम से कम पांच ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया। फिलहाल ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कार्रवाई किस मामले से जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
ED की इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि क्या जांच एजेंसियां अब राजनीतिक दलों के दस्तावेज और रणनीतिक जानकारी जुटाने का माध्यम बन गई हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
हरी फाइल को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के हाथ में एक हरी फाइल देखे जाने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद और तेज हो गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेजों को हटाने या छिपाने की कोशिश कर रही थीं। इस कथित फाइल को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
भाजपा का दावा, जांच में किया गया हस्तक्षेप
भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई में दखल दिया। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री छापेमारी के दौरान प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और वहां से एक फाइल व मोबाइल फोन लेकर बाहर आईं। भाजपा ने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री क्या छिपाने की कोशिश कर रही हैं।
अवैध लेन-देन नेटवर्क उजागर होने का दावा
भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि ED की छापेमारी से तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा कथित अवैध धन नेटवर्क सामने आया है। उनका दावा है कि राजनीतिक सलाहकार संस्था का इस्तेमाल काले धन को छिपाने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।