भगवान श्रीकृष्ण के प्रति असीम श्रद्धा का एक दुर्लभ उदाहरण सामने आया है। दिल्ली के एक श्रद्धालु ने पूरी श्रीमद्भगवद गीता को सोने की परतों पर तैयार करवाकर कर्नाटक के प्रसिद्ध उडुपी श्रीकृष्ण मठ को भेंट किया है। इस दिव्य ग्रंथ की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सोने पर उकेरे गए गीता के श्लोक
यह भगवद गीता सामान्य कागज पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित स्वर्ण पत्रों पर अंकित की गई है। इसमें गीता के सभी 18 अध्याय और 700 श्लोक अत्यंत सूक्ष्म कारीगरी के साथ उकेरे गए हैं। दिल्ली निवासी भक्त लक्ष्मीनारायण ने इसे अपने आराध्य श्रीकृष्ण को समर्पित करने के उद्देश्य से तैयार कराया, जिसे अब ‘सुवर्ण गीता’ कहा जा रहा है।
धार्मिक आयोजन में हुआ भव्य समर्पण
इस स्वर्णिम गीता का अनावरण 8 जनवरी को उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर में आयोजित विश्व गीता पर्याया समापन समारोह के दौरान किया गया। समारोह के तहत इसे सोने के रथ में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद राजंगण में पुत्तिगे मठ के चौथे पर्याया के समापन अवसर पर, श्री सुगुनेंद्रतीर्थ स्वामीजी की मौजूदगी में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में यह अनमोल ग्रंथ अर्पित किया गया।
गीता परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास
यह आयोजन कोटि गीता लेखन यज्ञ जैसे आध्यात्मिक अभियानों की स्मृति में किया गया, जिनका उद्देश्य गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा है। सुवर्ण गीता का यह दान उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रतीक माना जा रहा है।
आस्था और समर्पण का संदेश
इस अनूठे दान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सच्ची भक्ति में मूल्य नहीं, बल्कि भावना सर्वोपरि होती है। श्रीमद्भगवद गीता जीवन में कर्म, धर्म और सत्य का मार्गदर्शन करती है। सोने में अंकित इस गीता ने न केवल उडुपी श्रीकृष्ण मठ की गरिमा बढ़ाई है, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं को भी गहरी प्रेरणा दी है।