लंदन: सऊदी अरब के शाही परिवार से जुड़े 29 वर्षीय प्रिंस अब्दुल्ला बिन फहद बिन अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ बिन जलावी अल सऊद की लंदन के एक लग्जरी होटल में हुई मौत को लेकर ब्रिटेन की कोरोनर कोर्ट ने अहम खुलासा किया है। अदालत की जांच में सामने आया कि उनकी मौत शराब, पार्टी ड्रग्स और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के घातक मिश्रण के कारण हुई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में आत्महत्या या किसी साजिश के कोई प्रमाण नहीं मिले और इसे दुर्घटनावश हुई मौत (Misadventure) माना गया।
लग्जरी होटल में मिला था शव
जांच के दौरान बताया गया कि प्रिंस ने लंदन के केंसिंग्टन स्थित एक लग्जरी होटल में एक सप्ताह के लिए कमरा बुक कराया था। होटल के सीसीटीवी फुटेज में उन्हें मौत से एक शाम पहले होटल के बाहर सिगरेट पीते हुए देखा गया था। इसके बाद वे होटल से बाहर नहीं निकले और बाद में उनका शव कमरे में मिला।
पहले से चल रहा था नशे की लत का इलाज
अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार प्रिंस लंबे समय से शराब और कुछ प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की लत से जूझ रहे थे। वर्ष 2025 में उन्होंने लंदन के एक पुनर्वास केंद्र में डिटॉक्स उपचार कराया था, जहां शराब, बेंजोडायजेपीन और प्रेगाबालिन जैसी दवाओं की लत छुड़ाने का प्रयास किया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि उन्होंने सहयोग किया और उपचार सफलतापूर्वक पूरा हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने नियमित फॉलो-अप नहीं किया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें आत्महत्या की आशंका वाला मरीज नहीं माना था।
दूसरे क्लिनिक में भी कराया था उपचार
पहले पुनर्वास केंद्र से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड के एक अन्य क्लिनिक में भी इलाज कराया। वहां स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्होंने उपचार पूरा कर क्लिनिक छोड़ दिया था।
कोर्ट ने कहा- आत्महत्या नहीं, दुर्घटना
सुनवाई के दौरान सहायक कोरोनर ने कहा कि जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि प्रिंस ने जानबूझकर अपनी जान ली। न तो कोई सुसाइड नोट मिला और न ही किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संकेत मिले। सीसीटीवी फुटेज में भी वे अंतिम समय तक अकेले दिखाई दिए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने उनकी मौत को 'मिसएडवेंचर' (दुर्घटनावश हुई मौत) करार दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण मल्टी-ड्रग इनजेशन दर्ज किया गया। सुनवाई के बाद सऊदी शाही परिवार ने भी आधिकारिक रूप से प्रिंस के निधन की पुष्टि की।