भोपाल : मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कप मच गया। जब अचानक कांग्रेस के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कटारे अटेर से विधायक है और लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए है। बताया जा रहा है कि कटारे ने निजी कारणों के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया है।
परिवार और क्षेत्र की जनता को नही दे पा रहे थे समय
इस्तीफे की पुष्टि संगठन महासचिव डॉ संजय कामले ने की। उन्होंने कहा कि परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं देने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। इतना ही नहीं कटारे ने त्याग पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को सौंपा दिया है।
पार्टी संगठन में बदलाव की उम्मीद
फ़िलहाल इस संबंध में कटारे की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। लेकिन उनके इस फैसले से प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में पार्टी संगठन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सिर्फ पद से दिया इस्तीफा पार्टी से नही
इधर, इस्तीफे को लेकर संगठन महासचिव डॉ संजय कामले ने कहा कि यह इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से। वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और आगे भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ रहेंगे। उन्होंने बताया कि हेमंत कटारे का इस्तीफा स्वीकार किया जाए या नहीं, यह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विवेकाधिकार पर निर्भर है।