राजेश सोनी, डबरा (ग्वालियर): डबरा अनुविभाग के अंतर्गत आने वाली तीन प्रमुख कृषि सहकारी समितियों में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। खाद वितरण के नाम पर किसानों से वसूली गई करोड़ों रुपये की शासकीय राशि को सहायक प्रबंधकों द्वारा गबन किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीनों आरोपी प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर लिया है।
तीन समितियों का 'काला चिट्ठा'
जांच में सामने आया है कि पुट्टी, अजयगढ़ और किटोरा समितियों के प्रभारियों ने न केवल किसानों को ठगा, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी चूना लगाया है। गबन का आंकड़ा इस प्रकार है...
किटोरा समिति: सहायक प्रबंधक नाथूराम स्वामी पर सबसे ज्यादा 53 लाख 11 हजार 681 रुपये के गबन का आरोप है।
पुट्टी समिति: सहायक प्रबंधक पंकज भार्गव द्वारा 50 लाख 37 हजार 386 रुपये की हेराफेरी सामने आई है।
अजयगढ़ समिति: सहायक प्रबंधक नंदकिशोर शर्मा ने 26 लाख 67 हजार 850 रुपये का गबन किया है।
घोटाले का तरीका?
डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार ने बताया कि किसानों ने समितियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन तीनों सहायक प्रबंधकों ने किसानों से खाद उपलब्ध कराने का झांसा देकर पहले पैसे जमा कराए, लेकिन न तो उन्हें खाद दी गई और न ही उनके पैसे वापस किए गए। लंबे समय तक टालमटोल करने के बाद जब किसान ठगे गए, तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।
पुलिस की कार्रवाई
एसडीओपी सौरभ कुमार ने पुष्टि की है कि पुट्टी के पंकज भार्गव, अजयगढ़ के नंदकिशोर शर्मा और किटोरा के नाथूराम स्वामी के खिलाफ शासकीय संपत्ति के गबन और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद डबरा के सहकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अन्य समितियों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है।