MP News: मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट गवर्नेंस को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक करने जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाली इस बैठक में दिग्गज टेक कंपनी गूगल के वैश्विक प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश और गूगल के बीच एक दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी को आकार देना है।
बैठक में शामिल होंगे गूगल के ये ग्लोबल दिग्गज
मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में गूगल क्लाउड के वैश्विक स्तर के विशेषज्ञ शिरकत करेंगे, जिनमें मुख्य रूप से आशीष वाट्टल, निदेशक (पब्लिक सेक्टर), गूगल क्लाउड इंडिया, मदन ओबेरॉय निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स), एपीएसी (APAC) क्षेत्र। इसके अलावा सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ भी इस तकनीकी महामंथन का हिस्सा बनेंगे।
गूगल-एमपी का विजन
बैठक में उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग के जरिए प्रदेश की जनसेवाओं को सरल और सुगम बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ महापर्व को तकनीक आधारित बनाने के लिए स्मार्ट भीड़ प्रबंधन , डेटा आधारित निगरानी और एआई पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। एआई आधारित सुरक्षा प्रणालियों के माध्यम से कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान प्रणाली और डेटा आधारित त्वरित निर्णय प्रणाली लागू करने पर विचार होगा। प्रदेश के किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर और सीधी पहुंच उपलब्ध कराने के लिए उन्नत तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। युवाओं के लिए एआई आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को लागू करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर रणनीति बनेगी।
स्टार्ट-अप और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर फोकस
इस रणनीतिक चर्चा में मध्य प्रदेश के भीतर 'एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना, एआई स्किलिंग प्रोग्राम, स्थानीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूती देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कसावट लाने, भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने में 'गेम चेंजर' साबित होगी।