छुईखदान-गंडई जिले के करमतरा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल खुलते ही कई बच्चों की अचानक तबीयत खराब होने लगी। प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे, जिससे शिक्षकों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
स्कूल परिसर के पास लगा था रतनजोत का पौधा
जांच में सामने आया कि स्कूल खुलने से पहले पहुंचे कुछ बच्चों ने परिसर के आसपास लगे रतनजोत (रतन बीज) के पौधे का फल खा लिया था। इसके कुछ ही समय बाद बच्चों में उल्टी, चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे।
सभी बच्चों को पहुंचाया गया अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही बीमार बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालत गंभीर होने पर तीन बच्चों को सिविल अस्पताल खैरागढ़ रेफर किया गया, जबकि अन्य बच्चों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
गांव में फैली दहशत, अस्पताल पहुंचे परिजन
घटना की खबर मिलते ही करमतरा गांव में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में बच्चों को लेकर चिंता और बेचैनी का माहौल देखा गया।
CMHO का बयान: सभी बच्चे खतरे से बाहर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि कुल 19 बच्चों ने रतनजोत का फल खाया था। इनमें से 16 बच्चों का इलाज जालबांधा सीएससी में किया जा रहा है, जबकि 3 बच्चों का उपचार खैरागढ़ सिविल अस्पताल में जारी है। सभी बच्चों की हालत स्थिर है और उन्हें 24 घंटे तक निगरानी में रखा गया है।