Ladli Behna Yojana Registration : मध्य प्रदेश सरकार की चर्चित लाड़ली बहना योजना को लेकर दोबारा पंजीयन शुरू करने की मांग पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इंदौर खंडपीठ ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि फिलहाल योजना का रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू करने का निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।
पंजीयन शुरू करने की थी मांग
दरअसल, प्रदेश में हजारों महिलाएं ऐसी हैं जो योजना की पात्रता पूरी करने के बावजूद दोबारा रजिस्ट्रेशन शुरू न होने के कारण लाभ से वंचित हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कई बार संकेत दिए गए कि पंजीयन प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गइ। इसी को लेकर रतलाम के पूर्व विधायक और पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में योजना के तहत फिर पंजीयन शुरू करने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि किसी भी योजना की पात्रता तय करना, पंजीयन खोलना या बंद करना सरकार का नीतिगत निर्णय है। इसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि योजना की न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की जाए, ताकि अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और कहा है कि यह मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय दखल नहीं देगा। योजना में फिर से नाम जोड़ना या नहीं यह सरकार का अधिकार है।
तीन साल से बंद पोर्टल
आपको बता दें कि लाड़ली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में की गई थी। इसके बाद से अब तक पंजीयन प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं की गई है। ऐसे में प्रदेश में ऐसी कई महिलाएं है जो पात्रता पूरी होने के बाद भी योजना में आवेदन नहीं कर पा रही हैं।