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सेहत

  • डियोड्रेंट लगाने से हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, यूज करते समय रहें सावधान

    डियोड्रेंट लगाने से हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा, यूज करते समय रहें सावधान

    Health Tips: हममें से ज्यादातर लोग पसीने की बदबू छिपाने के लिए डियोड्रेंट (Deodorant) का इस्तेमाल करते हैं। कई बार महिलाएं खुद को रिफ्रेश रखने के लिए परफ्यूम (Perfume) या फिर डियोड्रेंट लगाती है। लेकिन वो कहते हैं न कि किसी भी चीज का हद से ज्यादा इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक हो सकता है। तो ऐसा ही कुछ डियोड्रेंट (Harmful effects of Deodorant) के मामले में भी है। अगर आप जरूरत से ज्यादा डियोड्रेंट का इस्तेमाल करती हैं, तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है, क्योंकि डियोड्रेंट का इस्तेमाल आपको ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) का शिकार भी बना सकता है।

    डायरेक्ट स्किन कॉन्टैक्ट

    महिलाएं कई बार पसीने को रोकने और उससे आने वाली दुर्गंध से बचने के लिए लगभग डेली एंटीपर्सपिरेंट और डियोड्रेंट का यूज करती हैं। डियोड्रेंट और एंटीपर्सपिरेंट स्किन के साथ डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में आते हैं। पसीने और उससे आने वाली बदबू से बचने के लिए इनका यूज अंडर आर्म्स में ज्यादा होता है। अंडर आर्म के पास ये डियोड्रेंट ब्रेस्ट के कॉन्टैक्ट में भी आते हैं, जो आपके लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है।

    क्या कहती हैं स्टडी

    कई स्टडीज इस बात का दावा करती हैं कि डेली डियोड्रेंट लगाने से कई बार ये ब्रेस्ट कैंसर का एक कारण भी बन जाता है। इन डियोड्रेंट में एल्यूमीनियम का इस्तेमाल किया जाता है जो आपके शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है। डियोड्रेंट के कारण कुछ समय के लिए पसीना निकलने वाले छिद्र बंद हो जाते हैं। इससे शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन पर असर पड़ता है। हालांकि अमेरिकन कैंसर सोसायटी का कहना है कि इस बात का अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है कि एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करने से ब्रेस्ट कैंसर होता है, या इससे मरीजों को ज्यादा दिक्कतें हो सकती हैं। लेकिन वहीं दूसरी ओर स्टडी में इस बात को कहा गया है कि एंटीपर्सपिरेंट में एल्यूमीनियम साल्ट स्किन के जरिए शरीर में घुस कर ब्रेस्ट टिशू में जमा हो सकते हैं। जो ब्रेस्ट के लिए काफी ज्यादा हानिकारक है, ऐसे में अगर आप लंबे समय से इसका इस्तेमाल कर रही हैं, तो इसे लेकर के थोड़ा सावधान हो जाएं। यदि ज्यादा जरूरी न हों तो इसके इस्तेमाल से बचें। और अगर आप इनका इस्तेमाल करते भी हैं तो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि ये आपकी स्किन के डायरेक्ट कॉन्टैक्ट में न आएं। इसके साथ ही आप एंटीपर्सपिरेंट फ्री डियोड्रेंट का यूज कर सकती हैं।

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  • Health Tips: इन चीजों को खाने के बाद भूलकर भी न पिएं पानी वर्ना हो सकती हैं कई बीमारी

    Health Tips: इन चीजों को खाने के बाद भूलकर भी न पिएं पानी वर्ना हो सकती हैं कई बीमारी

    Health Tips: हवा (Air) और पानी (Water) दो ऐसी चीजें हैं, जिनके बिना जीवन नामुमकिन है। हमारे शरीर (Human Body) का 60 प्रतिशत हिस्सा पानी ही है। इसकी कमी के कारण कई बार हमें बीमारियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन वहीं पानी के पीने (Drinking Water Habits) के साथ इसके सही समय का भी ध्यान रखना चाहिए। काफी बार ऐसा होता है कि जिन चीजों के बाद हमें पानी नहीं पीना चाहिए हम उन्हें खाने के बाद पानी पीकर अपने लिए परेशानी मोल ले लेते हैं।

    आपने अक्सर इस बात पर ध्यान दिया होगा कि डॉक्टर्स हमें हमेशा खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं। वहीं कुछ फल ऐसे होते हैं जिनमें पहले से ही पानी की काफी मात्रा होती है और घर के बड़े उन्हें खाने के बाद तुरंत पानी पीने से मना करते हैं। दरअसल इसके पीछे का कारण हमारा पाचनतंत्र है। हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम (Digestive System) एक फिक्स पीएच लेवल (Fix PH Level) पर काम करता है। या फिर यूं कहे कि किसी भी खाने को पचाने के लिए हमें एक निश्चित पीएच लेवल की जरूरत होती है। ऐसे में पानी से भरपूर फल खाने से हमारे शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है और अगर आप इन्हें खाने के बाद पानी पीते हैं, तो इससे आपको नुकसान होता है। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि वह कौन कौन सी चीजें हैं जिन्हें खाकर तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए...

    1. आमतौर पर घर के बड़े बच्चों को फलों को खाने के बाद पानी न पीने की सलाह देते हैं। क्योंकि ज्यादातर फलों में शुगर और यीस्ट की भरपूर मात्रा होती है, जिसे ठीक से पचने की जरूरत है। इन फलों को पचाने के लिए हमारे पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड निकलता है। ऐसे में अगर हम फल खाने के बाद तुरंत बाद पानी पीते हैं, तो ये एसिड को पतला कर देता है और फल ठीक से पच नहीं पाते।

    2. तरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे कई फल ऐसे होते हैं जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। अगर हम उन्हें सही तरीके से खाते हैं, तो ये हमारे शरीर के पाचन तंत्र के लिए अच्छे होते हैं। लेकिन अगर हम उनके बाद पानी पीते हैं, तो इससे लूज मोशन होनें का खतरा हो जाता है, क्योंकि पानी पूरी पाचन प्रक्रिया को तेज कर देता है।

    3. खाना खाने के बाद पानी पीने से हर हाल में बचना चाहिए। पानी पाचन की आग को कम करता है क्योंकि यह शीतलक के रूप में कार्य करता है जो पाचन प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। यह पाचक रसों को भी पतला करता है। एक बार जब आप अपना भोजन कर लें, तो कुछ पानी पीने से पहले कम से कम 30 मिनट तक प्रतीक्षा करें। आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से भी लंबे समय में मोटापा बढ़ सकता है। अगर आपने कुछ तीखा या बहुत ज्यादा ऑयली खाया है, तो खाने के तुरंत बाद आपको प्यास लगना लाजमी है। ऐसे में सिर्फ 2-3 घूंट गुनगुना पानी पीना सबसे अच्छा है।

    4. आइस्क्रीम खाने के तुरंत बाद आपको पानी नहीं पीना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको गले में खराश के साथ साथ सर्दी और खांसी भी हो सकती है।

    5. वहीं आपको मूंगफली और तिल खाने के बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए। इन दोनों ही चीजों को खाने के बाद अगर आप तुरंत पानी पी लेते हैं तो आपको खांसी की समस्या हो सकती है।

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  • Skin Care Tips: त्वचा के लिए रामबाण है टी ट्री ऑयल, जानें कितने हैं फायदे

    Skin Care Tips: त्वचा के लिए रामबाण है टी ट्री ऑयल, जानें कितने हैं फायदे

    Skin Care Tips: महिलाएं अपनी खूबसूरती के लिए क्या कुछ नहीं करती, चाहें वो एक से बढ़ कर एक ब्यूटी प्रोडक्ट्स (Beauty Products) का इस्तेमाल हो या फिर किसी घरेलु नुस्खे (Home Remedies) का प्रयोग। अपनी खूबसूरती को चमकाने के लिए महिलाएं हर पैंतरा आजमाती है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स के नाम पर आज मार्केट में बेहतरीन से बेहतरीन चीजें उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ प्रोडक्ट्स में कैमिकल का प्रयोग जरूरत से ज्यादा होता है। ऐसे में आपकी स्किन कुछ देर के लिए तो दमकती नजर आती है, लेकिन बाद में वह एकदम बेजान लगने लगती है। यही हाल बालों का है, आप अपने बालों को अच्छा (Hair Care) दिखाने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं। बालों को सुंदर दिखाने के लिए कई तरह हैं के शैम्पू जैसे डैंडरफ के लिए अलग, ड्राई हेयर के लिए अलग और न जाने क्या- क्या इस्तेमाल करते हैं। इन ब्यूटी प्रोडक्ट्स में ढेरों तरह के कैमिकल यूज किए जातें हैं, जिनका आपकी स्किन और बालों पर खराब असर पड़ता है। इन असर से बचने के लिए आप नेचुरल चीजों का इस्तेमाल कर अपने बालों और त्वचा का ख्याल रख सकते हैं। इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे टी ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) के फायदों के बारें में।
     

    एक्ने से छुटकारा

    टी ट्री ऑयल एक ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है, जिसके इस्तेमाल से हम अपनी स्किन से जुड़ी कई समस्याओं का इलाज कर सकते हैं। एक्ने भी कई लोगों के लिए एक बड़ी समस्या है, जिससे राहत पाने के लिए आप कई तरह के प्रोडक्ट्स पर ढेरों पैसे खर्च कर देते हैं। लेकिन फिर भी हमें इससे राहत नहीं मिलती, ऐसे में आपके लिए टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदे बहुत काम की हैं। एक्ने से छुटकारा पाने के लिए आप अपने मॉइस्चराइजर में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। इसे रात में सोने से पहले करे ताकि एक्ने रिमूव करने के लिए इसे पूरा समय मिल सके।

    स्किन को रखता है मॉइस्चराइज्ड

    टी ट्री ऑयल एक मॉइस्चराइजर का भी काम करता है। सर्दियों में त्वचा का ड्राई हो जाना एक आम बात है, ऐसे में अगर आप नारियल के तेल में इसे मिलाकर रोजाना इसका इस्तेमाल करेंगे तो आपकी त्वचा मॉइस्चराइज्ड रहेगी।

    मस्सों का इलाज

    मस्से काफी आम होते हैं और कभी कभी ये ऐसी अनचाही जगह पर होते हैं, जिन्हें आप हटाना चाहते हैं। इन्हें स्किन टैग्स भी कहते हैं। टी ट्री ऑयल में एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो मस्सों को इलाज करने में मदद करते हैं। टी ट्री ऑयल का यूज आप डायरेक्टली अपने मस्सों पर कर सकते हैं।

    सूथिंग

    टी ट्री ऑयल आपकी त्वचा को सूथिंग टच देनें में काफी कारगर है। इसके साथ ही ये स्किन में इचिंग की दिक्कत हो को दूर करता है। तो अगर आप अपनी त्वचा को एक कोमल एहसास देना चाहती हैं तो आप इसका रोजाना इस्तेमाल कर सकती हैं।

     

    एंटीडैंड्रफ क्वालिटी

    डैंड्रफ से निजात पाने के लिए 5 प्रतिशत टी ट्री ऑयल वाले शैंपू को अपने स्कैल्प पर लगाएं। स्वस्थ बालों के लिए, टी ट्री ऑयल को बादाम के तेल या किसी अन्य समान तेल के साथ 1/10 के अनुपात में मिलाकर इसकी मालिश करें।

     

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  • Cloves Adulteration: लौंग भी हो सकती है मिलावटी, घर में छोटा सा टेस्ट कर लगाएं पता

    Cloves Adulteration: लौंग भी हो सकती है मिलावटी, घर में छोटा सा टेस्ट कर लगाएं पता

    Cloves Adulteration: आपके कीचन में पाए जाने वाले मसालों में कई औषधीय गुण छिपे होते हैं। इन्हीं मसालों में से लौंग (Cloves) भी एक है। यह आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है। इसके साथ ही यह एक नैचुरल पेनकिलर के रूप में भी काम करती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल ऑयल दांतों के दर्द से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लौंग में भी मिलावट की जा सकती है?, जी हां आप सही पढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं कि मिलावटी लौंग की जांच कैसे की जा सकती है। दरअसल, FSSAI की ओर से ट्विटर पर #DetectingFoodAdulterants अभियान चलाया जा रहा है। जिसका मकसद ग्राहकों को मिलावटी सामग्रियों के प्रति जागरूक करना है। हाल ही में एफएसएसएआई ने लौंग का टेस्ट किया है। इसके माध्यम से आप घर पर ही आसानी से नकली लौंग का पता लगा सकते हैं।

     

     

    ऐसे लगाएं पता

    -एक गिलास लें। उसमें पानी भरकर रख दें।

    -अब इसमें कुछ लौंग डाल दें।

    -अगर लौंग नीचे बैठ जाएं तो यह असली है।

    -वहीं अगर लौंग पानी में तैरती है तो उसमें से ऑयल निकाला गया है, यानी ये लौंग में मिलावट की गई है।

     

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  • Women Health Tips: महिलाओं को डॉक्टर से कभी नहीं छिपानी चाहिए ये 6 बातें वरना...

    Women Health Tips: महिलाओं को डॉक्टर से कभी नहीं छिपानी चाहिए ये 6 बातें वरना...

    महिलाओं को कई तरह की समस्याओं (Intimate Problem) का सामना करना पड़ता है। कई बार छोटी सी परेशानी किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या (Health Issue) का कारण बन सकती है। इसलिए आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologists) से खुलकर बात करनी चाहिए और समय-समय पर सलाह लेते रहना चाहिए।

    1- वेजिना में खुजली और दुर्गंध आना

    अगर आपको वेजिना में खुजली और दर्गंध की समस्या हो रही है तो आपको तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए और अपनी बात को स्पष्ट रूप से महिला डॉक्टर के सामने रखनी चाहिए। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वेजिना में खुजली और दर्द किसी बड़े संक्रमण और वल्वा कैंसर का कारण बन सकता है।

    2- सेक्स के दौरान दर्द

    कई महिलाओं को सेक्स के दौरान बेचैनी और दर्द महसूस होता है, जो उनके लिए चिंता की बात हो सकती है। इसलिए उन्हें स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    3- ब्रेस्ट की समस्या

    स्त्री रोग विशेषज्ञ बताती हैं कि ब्रेस्ट में दर्द, ब्रेस्ट में गांठ, ब्रेस्ट से डिस्चार्ज, ब्रेस्ट के ऊपर त्वचा में बदलाव को नजरंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह कैंसर का संकेत हो सकता है। इसके बारे में खुलकर बात करें और भूलकर भी लापरवाही न करें।

    4- प्रेग्नेंसी की प्लानिंग

    प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करते वक्त आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। ताकि गर्भावस्था के दौरान आपको और आपके होने वाले बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हों।

    5- इर्रेगुलर पीरियड्स

    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह हार्मोनल में बदलाव, तनाव, संक्रमण की वजह से हो सकता है। कभी-कभी चक्र में गड़बड़ी होना आम बात है, लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा है तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

    6-पीरियड्स के दौरान दर्द और ऐंठन

    आप सभी जानते हैं पीरियड्स के दौरान दर्द और ऐंठन होना सामान्य है। अगर आपको लगातार ऐसा हो रहा है तो आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह फाइब्रॉएड, एंडोमाइटोसिस, एडिनोमायोसिस के लक्षण भी हो सकते है।

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  • अगर आप भी रहते हैं गैस की समस्या से परेशान तो किचन में रखीं ये चीजें हैं रामबाण

    अगर आप भी रहते हैं गैस की समस्या से परेशान तो किचन में रखीं ये चीजें हैं रामबाण

    Health Tips: हम में से बहुत से लोगों को अक्सर खाने के बाद गैस्ट्रिक समस्या (Gastric Problem) होती है। पेट में गैस के कारण पेट फूलने (Stomach Bloating) लगता है और हमें काफी असहज महसूस होनें लगता है। खाने के बाद पेट में गैस होना स्वभाविक है, लेकिन अगर ये समस्या अत्याधिक हो तो एक असहनीय दर्द में बदल जाती है। पेट में गैस के कारण आपको तेज दर्द भी हो सकता है। पेट में गैस हमारी खुद की लापरवाही के कारण बनती है। गैस की समस्या ज्यादातर हेल्दी डाइट न लेने, बाहर का खाना खाने, समय पर खाना न खाने, तरल पदार्थ ज्यादा मात्रा में लेने, फास्ट फूड का सेवन करने से होती हैं। गैस की समस्या से निजात पाने के लिए कई बार हम दवाओं का सहारा ले लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस समस्या का इलाज (Solutions for Bloating Problem) हमारे किचन में ही है, जो मिनटों में आपकी परेशानी को हल कर सकता है। हमारे किचन में ही कई ऐसे मसाले हैं जो आपको इस समस्या से चंद मिनटों में निजात दिला सकते हैं। हम आपको स्टोरी में ऐसी कुछ चीजों के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से आपको गैस से राहत मिलेगी...

    अजवाइन

    जो लोग गैस बनने से काफी परेशान रहते हैं उनके लिए अजवाइन एक रामबाण इलाज। अजवाइन का इस्तेमाल हम घर में मसाले के तौर पर करते हैं, लेकिन पेट में गैस होनें पर गुनगुने पानी के साथ इसे लेने पर ये आपके पेट की गैस को निकालने में असरदार साबित होता है। वैसे आप इसके पत्तों का सेवन भी कर सकते हैं।

    जीरा

    जीरा आमतौर पर भारतीय घरों के किचन में आसानी से मिल जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक जीरा डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाने में मदद करता है। इसके सेवन से आप एसिडिटी, अपच और गैस जैसी पेट की कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

    तुलसी

    तुलसी एक हर्बल प्लान्ट है जो हर भारतीय घर में पाया जाता है। इस तुलसी के कई फायदें होते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि तुलसी के अर्क में एंटीअल्सर प्रॉपर्टीज होती हैं जो गैस्ट्रिक एसिड को कम करता है। तुलसी के 4-6 पत्ते चबाने से एसिडिटी के दौरान होने वाली परेशानी तुरंत दूर हो जाती है।


    सौंफ

    सौंफ में ऐसे कई कंपाउंड होते हैं जिनका नेचर एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीस्पास्मोडिक होता है। ये पेट में होनें वाली ज्यादातर समस्याओं गैस, हर्ट बर्न, पेट फूलना आदि से राहत दिलाते हैं। ज्यादातर लोग डाइजेशन के लिए खाने के बाद मुखवास में सौंफ का इस्तेमाल करते हैं।

    सोया

    सर्दी के मौसम में आने वाला ये सोया का साग पेट से जुड़ी कई समस्याओं से आपको निजात दिलाता है। हरे पत्तेदार सोया में एंटी इंफ्लामेटरी तत्व पाए जाते हैं जो आपको पेट की समस्याओं को कम करते हैं।

    पुदीना अगर आपको खाना खाने के तुरंत बाद पेट फूलने की समस्या है तो पुदीना आपके लिए काफी लाभकारी हो सकता है। पुदीना पेट की ऐंठन को शांत करने के लिए भी जाना जाता है और एसिडिटी और पेट फूलने को कम करने में मदद करता है। यह एंटीऑक्सिडेंट, फाइटोन्यूरिएंट्स और मेन्थॉल से भरपूर होता है, जो एंजाइमों को भोजन पचाने में मदद करता है।

     

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  • पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज है सेफ, क्रैम्प्स से राहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

    पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज है सेफ, क्रैम्प्स से राहत के लिए अपनाएं ये टिप्स

    मासिक धर्म (mensuration cycle) जिसे आमतौर पर माहवारी, रजोधर्म, मेंस्ट्रुअल साइकिल या एमसी और पीरियड्स (periods) के नाम से जाना जाता है। यह महिलाओं के जीवन का एक सामान्य हिस्सा है।

    इस दौरान कुछ महिलाऐं कितनी भी असहज क्यों न हो लेकिन वे डेली रूटीन को जरूर फॉलो करती हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ महिलाऐं पीरियड्स के दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    पीरियड्स के समय में दर्द होना, चक्कर आना, मितली आना सामान्य है। वे ऐसे समय में एक्सरसाइज (exercise) करने से डरती हैं। लेकिन इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स का कुछ और कहना है। तो आइये जानते हैं की पीरियड्स के दौरान क्या एक्सरसाइज करना सेफ है।

    वाकिंग

    हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो "पीरियड्स के दौरान आपको कुछ भी करने से खुद को नहीं रोकना चाहिए, यहां तक ​​कि एक्सरसाइज करने से भी नहीं।" कुछ एक्सरसाइज ऐसे हैं जो हम पीरियड्स के दौरान कर सकते हैं। डॉक्टर्स की माने तो इस दौरान चलना और दौड़ना फायदेमंद होता है। ऐसे समय में यह काफी लाभदायक होता है। "शुरुआत के दिनों के लिए हर दिन केवल 30 मिनट पैदल चलना जरुरी है इससे हृदय संबंधी समस्याओं का निवारण होता है।"

    रेसिंग

    अगर मासिक धर्म में कुछ समस्याएं आ रही है तो व्यायाम करना सबसे सुचारु उपाय है। आप इस अवधि के आखिरी दिनों में स्लो रेस भी कर सकती हैं। यह दर्द और निराशा को कम करके आपको बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है। वहीं दौड़ते हुए आप बार-बार रुकें और खूब पानी पिएं।

    योग

    वहीं पीरियड्स के दौरान योग करना आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। ऐसा करने से आपका तनाव कम होगा। ऐंठन और सूजन जैसी समस्याओं से निजात भी मिलेगा। डांस आपके बॉडी की फ्लेक्सबिलिटी (flexibility) को बढ़ाता है। ऐसे समय में डांस आपके पीरियड्स दर्द से रिलैक्स मिलेगा।

    स्ट्रेटिंग

    अगर आप कोई और व्यायाम करने में असमर्थ हैं तो आप स्ट्रेटिंग को अपना सकते है। इससे आपके मसल्स मजबूत बनेंगी और बॉडी में खिंचाव बना रहेगा। ऐसा करने से आपके शरीर को फुर्ती मिलती है। इससे शरीर रिलेक्स महसूस करता है।

    स्विमिंग

    ऐसे समय में जब आपका फ्लो थोड़ा धीमा पड़ जाता है तब आप स्विम कर सकती हैं। यह पीरियड्स के दौरान बेस्ट एक्सरसाइज है। इससे आपके शरीर की मसल्स रिलैक्स रहती हैं।

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  • इन लोगों के लिए बहुत काम का होता है हरा धनिया, जानें कैसे करना चाहिए सेवन

    इन लोगों के लिए बहुत काम का होता है हरा धनिया, जानें कैसे करना चाहिए सेवन

    Hara Dhaniya Health Benefits: हरा धनिया (Green Coriander) सब्जी का स्वाद तो बढ़ाने के साथ आपकी सेहत (Health) के लिए भी फायदेमंद होता है। आप हरा धनिया का सेवन चटनी, सूप और जूस में मिलाकर कर सकते हैं। आज हम आपको हरा धनिया के फायदों (Hara Dhaniya Ke Fayde) के बारे में बताने जा रहे हैं।

    क्या होता है हरा धनिया में

    हरा धनिया कैल्शियम, विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर, कोर्बोहाइड्रेट और पोटैशियम से भरपूर होता है, ये सभी पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
     

    हरा धनिया के फायदे

    1- डायबिटीज के मरीज

    हरा धनिया का सेवन करना डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा होता है, जो लोग नियमित रूप से हरा धनिया का सेवन करते हैं, उनका शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

    2- दिल के मरीज

    हरा धनिया खाने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है, इसलिए यह दिल के मरीजों के लिए अच्छा होता है।

    3-एनिमिया

    जो लोग नियमित रूप से हरे धनिया का सेवन करते हैं, उनके शरीर में खून की कमी नहीं होती है। यह आपके शरीर में खून को बढ़ाने में मदद करता है।

    4- पेट की समस्या

    जिन लोगों को गैस, अपच और कब्ज की परेशानी होती है, वो लोग नियमित रूप से धनिया खा सकते हैं। जिससे उनका पाचन तंत्र मजबूत होता है।

    5- स्किन प्रॉब्लम

    धनिया आपकी स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है, यह आपके चेहरे को नेचुरली खूबसूरत बनाने में मदद करता है। इसके लिए आप अपने चेहरे पर धनिया और ताजा एलोवेरा का पैक फेस पर लगा सकते हैं। इससे झर्रियां खत्म करने में मदद मिलेगी।
     

    कैसे करें सेवन

    1-आप धनिया का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, इससे आपकी पेट से जुड़ी परेशानी खत्म होती है।

    2-पेट दर्द में धनिया का चूर्ण काफी फायदेमंद होता है।

    3-आप धनिया का सूप बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।

    4- धनिया की चटनी का सेवन करने से आपका पेट साफ रहता है।

     

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  • Sunday Special: जानें क्या है प्रीकॉशन डोज, किन लोगों को दी जाएगी, क्यों है जरूरी

    Sunday Special: जानें क्या है प्रीकॉशन डोज, किन लोगों को दी जाएगी, क्यों है जरूरी

    दुनिया में एक बार फिर कोरोना वारयस (Coronavirus) के नए नए वेरिएंट अपडेट या अपना स्वरूप बदल रहे हैं। भारत में तेजी से ओमिक्रॉन (Omicron) को मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार की रात को देश को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 15 साल से लेकर 18 तक के बच्चों को कोविड टीका लगेगा, जो 3 जनवरी से शुरू होगा। तो वहीं फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्रीकॉशन डोज (precaution dose) दी जाएगी। ऐसे में अब लोगों के दिमाग में सवाल था कि क्या प्रीकॉशन डोज बूस्टर डोज ही है क्या...

     

    बूस्टर खुराक के बजाय दी जाएगी प्रीकॉशन डोज

    भारत में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीन की तीसरी खुराक की आवश्यकता पर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में बूस्टर डोज जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जा रहा है। लेकिन जब पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए फ्रंटलाइन वर्क्स को 'बूस्टर खुराक' के बजाय 'प्रीकॉशन डोज' शब्द का इस्तेमाल किया। प्रीकॉशन खुराक के तौर पर बूस्टर डोज दे रही है।

     

    क्या है बूस्टर डोज?

    सबसे पहले हमें बूस्टर डोज के बारे में जानना होगा। कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करने के लिए दुनियाभर में बनी ज्यादातर वैक्सीन की दो डोज देने की जरूरत है। वैक्सीन डोज लगने से इम्यूनिटी का स्तर बढ़ जाता है। अलग-अलग कंपनियां इसे लेकर अलग-अलग दावे करती हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि ये बूस्टर डोज उन्हीं लोगों को दी जाती है जिनकी इम्यूनिटी कम या एंटीबॉडीज कम बनती हैं। बूस्टर डोज म्यूनिटी पावर को बढ़ाती है।

    प्रीकॉशन डोज क्या है?

    पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए बूस्टर डोज नाम का इस्तेमाल न करते हुए प्रीकॉशन डोज का जिक्र किया। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरी खुराक और प्रीकॉशन डोज के बीच 9 से 12 महीने का अंतर हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे प्रीकॉशन डोज 2022 नाम दिया है, जो 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को 10 जनवरी से लगेगा। ओमिक्रॉन को लेकर चर्चा जोरों पर चल रही है। दुनिया में इसके अनुभव भी अलग हैं। अनुमान भी अलग हैं। भारत के वैज्ञानिक भी इस पर पैनी नजर रखे हुए हैं। इस पर काम कर रहे हैं। हमारे टीकाकरण के 11 महीने पूरे हो गए हैं, तो वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन और पूरी दुनिया के अनुभवों को देखते हुए कुछ फैसले लिए। कोरोना योद्धा, स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन वर्क्स के कार्यकर्ता हैं, उनका इस लड़ाई में देश को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ा योगदान है।

     

    और भी...

  • Weight Loss Tips: सर्दियों में बिना वर्कआउट के ऐसे कंट्रोल करें अपना वजन

    Weight Loss Tips: सर्दियों में बिना वर्कआउट के ऐसे कंट्रोल करें अपना वजन

    Weight Loss Tips: सर्दियों (Winter) में वजन कंट्रोल में रखना सबसे मुश्किल काम होता है, क्योंकि ठंड में वर्कआउट करने का तो बिल्कुल भी मन नहीं करता और डाइट में हेल्दी फूड्स न होने की वजह से आपका वजन कम होने की बजाय और बढ़ जाता है। ऐसे में आपको अपनी डाइट का ध्यान रखने की ज्यादा जरूरत है। यहां कुछ ऐसे टिप्स बताएं जा रहे हैं, जो आपके लिए बहुत काम के हो सकते हैं। पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि वजन कम करना केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने के बाद भी वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप जो भी खाते हैं, उसे सही समय पर ही खाना चाहिए। इससे आप हमेशा हेल्दी रहेंगे।

    सुबह का नाश्ता जरूर करें

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पूरे दिन के लिए अपनी भूख को कंट्रोल में रखने के लिए सुबह के समय हैवी ब्रेकफास्ट करना जरूरी होता है। अगर आप सुबह का नाश्ता नहीं करते हैं तो इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है। नाश्ता करने का सबसे अच्छा समय सुबह 7 बजे के बाद का होता है।

    लंच (Lunch)

    पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि लंच में आपको बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। इससे आपका शरीर ऊर्जा से पूरा दिन भरा रहेगा। आप अपने लंच में विटामिन, खनिज, प्रोटीन और कार्ब्स वाले फूड्स शामिल कर सकते हैं। लंच का सबसे अच्छा समय दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच होता है।
     

    डिनर (Dinner)

    विशेषज्ञों का कहना है कि वजन कम करने के लिए डिनर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप रात में सही समय पर डिनर करते हैं तो यह जल्दी पच जाता है और आप ठीक से सो पाते हैं। वहीं अगर देरी से रात का भोजन करते हैं तो इससे पाचन क्रिया धीमी हो जाती है।

    भोजन को पचने में लगते हैं आठ घंटे

    एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रात का भोजन पचाने में आपके शरीर को आठ घंटे का वक्त लगता है। अगर आप समय से डिनर नहीं करते हैं तो यह आपकी नींद में तो खलल डालता ही है, साथ ही गैस और अपच की समस्या भी होती है।

     

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    आपके Brain को खोखला कर सकती हैं ये आदतें, अभी से छोड़ दें वरना...

    आप सभी जानते हैं कि हमारा दिमाग (Brain) शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। यह हमारे शरीर को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए इसका ध्यान ज्यादा रखने की जरूरत होती है, लेकिन हमारी कुछ आदतें ब्रेन के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ हैबिट की वजह से ब्रेन या तो स्लो काम करता है या फिर काम करना बंद कर देता है। आइए जानते हैं कि ऐसी कौन सी आदतें हैं, जो दिमाग पर बुरा असर डालती है।

    1-ज्यादा गुस्सा होने के कारण

    कुछ लोगों को छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गुस्से की वजह से रक्त धमनियों पर प्रेशर पड़ता है, जो दिमाग की क्षमता को कम कर सकता है। इसलिए आपको गुस्सा करने से बचना चाहिए।

    2- नींद न आना

    अच्छी नींद हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होती है। अगर आप रोजाना भरपूर नींद ले पाते हैं तो इससे आपकी दिमाग की कोशिकाएं रिलेक्स रहती हैं और उनकी थकावट दूर हो जाती है। वहीं जो लोग रात में ठीक से सो नहीं पाते तो इसका असर उनके स्वास्थ्य के लिए दिमाग पर भी पड़ सकता है।

    3- मुंह ढक्कर सोना

    जो लोग रात में मुंह ढक्कर सोते हैं, इसका असर उनके दिमाग पर भी पड़ता है, क्योंकि इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, जिससे दिमाग ठीक से रिलेक्स नहीं हो पाचा है।

    4- ज्यादा मीठा खाना

    जो लोग ज्यादा मीठा खाने के शौकीन होते हैं, इसका असर उनकी याददाश्त पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शुगर की ज्यादा मात्रा से दिमाग की कॉग्नीटिव स्किल और सेल्फ-कंट्रोल पर असर पड़ता है। इसकी वजह से आपका दिमाग ठीक से काम नहीं कर पाता है।

    5- ब्रेकफास्ट न करना

    सुबह के समय ब्रेकफास्ट करना आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है, अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो इसका असर आपके ब्रेन पर भी पड़ता है। विशषज्ञ बताते हैं कि इससे आपके ब्रेन को पोषण नहीं मिल पाता है और वह ठीक से काम नहीं कर पाता है।

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  • शरीर के साथ ही रखें ओरल हेल्थ का ध्यान, लापरवाही बिगाड़ सकती है आपकी सेहत

    शरीर के साथ ही रखें ओरल हेल्थ का ध्यान, लापरवाही बिगाड़ सकती है आपकी सेहत

    अक्सर कुछ लोग अपनी गलत आदत और आलस का बचाव शेखी दिखाकर करते हैं। मसलन सुबह बिना ब्रश (Tooth Paste) किए उन्हें चाय पीने पर आप टोकेंगे तो वे कहेंगे-शेर कभी मुंह नहीं धोते। लेकिन इन्हें यह पता नहीं कि शेर कभी कोई पकी चीज नहीं खाता है, जो उसके दांतों में चिपके। दूसरी बात अकेले शेर ही नहीं ज्यादातर जानवर एक समय बाद अपने दांतों के खराब हो जाने की वजह से ही कम जीते हैं। इसलिए अगर आप अपनी सेहत सही रखना चाहते हैं तो ओरल हेल्थ का पूरा ध्यान रखें।

    सुबह उठकर सबसे पहले करें ब्रश

    रोजाना सुबह उठकर चाय पीने या ब्रेकफास्टल करने से पहले दांतों में ब्रश करना हर हाल में बहुत जरूरी है। यह सिर्फ ओरल हेल्थ के लिए ही नहीं, आपकी समूची हेल्थ के लिए जरूरी है। वास्तव में ऐसा करना एक किस्म से अपने मुंह को रिसेट करने जैसा है। सुबह ब्रश करके आप रातभर में मुंह में पनपने वाले बैक्टीरिया को आसानी से हटा सकते हैं।

    रात को खाने के बाद करें ब्रश

    रात में खाने के बाद हम कुल्ला करते हैं। लेकिन खाने के कुछ टुकड़े दांतों के बीच फंसे रह जाते हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि सलाइवा में घुलकर दांतों के बीच फंसे रहते हैं। रात में सड़ने के बाद सुबह फूलकर ब्रश के जरिए निकलते हैं। सुबह इन सड़े हुए टुकड़ों निकालना बहुत जरूरी होता है। अगर हम बिना ब्रश किए कुछ खाते या पीते हैं तो सड़े हुए भोजन के टुकड़े सीधे हमारे पेट में पहुंच जाते हैं। इनसे स्वास्थ्य संबंधी कई किस्म की परेशानियां हमें हो जाती हैं।

    लापरवाही के नतीजे -

    ओरल हेल्थ के प्रति लापरवाही बरतना से दांतों में पीरियडोंटाइटिस नामक मसूड़ों का संक्रमण हो जाता है, जो जबड़े की हड्डी को गला देता है। इससे मसूड़ों के बीच की जगह खुल जाती है और दांत खराब हो जाते हैं।
    -इससे हैलिटोसिस भी हो जाता है, जिस कारण मुंह से बदबू आने लगती है। सांसों में बदबू की समस्या दुनिया में बहुत बड़े पैमाने पर लोगों को है। यह खराब ओरल हेल्थ का ही नतीजा है।

    -सुबह दांतों में बिना ब्रश किए खाना-पीना शुरू करने से एक समय के बाद दांतों में सड़न के कारण जबर्दस्त दर्द होने लगता है, जिससे छुटकारा पाने के लिए कई बार डेंटल सर्जरी तक करानी पड़ती है।

    -सुबह दांतों में ब्रश न करने से इनमें प्लाक और टाटर जम जाता है। इससे दांतों और मसूड़ों की हालत बहुत खराब हो जाती है। एक बार जब बैक्टीरिया हमारे दांतों के अंत तक पहुंच जाते हैं, तो ये मसूड़ों पर हमला शुरू कर देते हैं। इससे धीरे-धीरे दांत कमजोर होकर सड़ने लगते हैं, इस कारण उनमें कैविटी हो जाती है।

    -इसी तरह सुबह अगर हम बिना ब्रश किए नाश्ता करते हैं, तो एक समय के बाद दांत बहुत गंदे हो जाते हैं, जो आगे चलकर कई तरह की बीमारियों को जन्म देते हैं।

     

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  • Winter Health Tips: बंद नाक और सूखी खांसी से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

    Winter Health Tips: बंद नाक और सूखी खांसी से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

    Winter Health Tips: सर्दियों में सर्दी-जुकाम (Cold), गले में खराश (Sore Thought), नाक बंद (Blocked Nose) और सूखी खांसी (Dry Cough) होना आम बात है, लेकिन इस समय कोरोना का नया वेरिएंट ओमीक्रॉन (Omicron) खतरा बनकर उभर रहा है। ऐसे में आपको अपना ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है। यहां कुछ घरेलु नुस्खों (Winter Home Remedies for Cold and dry Cough) के बारे में बताया जा रहा है, जो आपको इन सबसे राहत देने में मदद करेंगे।

    1-सर्दी-जुकाम

     सर्दियों में सबसे आम समस्या सर्दी और जुकाम की होती है। क्योंकि इस मौसम में जीवाणु-विषाणु आसानी से पनपते हैं और लापरवाही से तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलते हैं। ऐसे में सर्दी-जुकाम होने पर एक ग्राम पिसी दालचीनी में गुड़ मिलाकर खाने से सर्दी-जुकाम से राहत मिलेगी।

    2- नाक बंद

    कुछ लोगों को बदलते मौसम और ठंडा-गर्म खाने की वजह से बंद नाक की समस्या हो जाती है। नाक बंद होने पर रात में सोते समय दोनों नाक में दो-दो बूंद सरसों का तेल पांच दिनों तक लगातार डालें, सर्दियों में नाक बंद हो जाने से मुक्ति मिलेगी। शरीर में हल्कापन महसूस होगा। साथ ही सर्दी, खांसी और सांस की बीमारियों से भी राहत मिलेगी।

    3- सूखी खांसी

     सूखी खांसी से राहत पाने के लिए आप दूध में हल्दी डालकर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप गर्म पानी का सेवन करते रहें। वहीं शहद में काली मिर्च मिलाकर आप उसे खा सकते हैं। इससे आपको फायदा मिलेगा।

    4-भाप लें

    सर्दी-जुकाम और खांसी में भाप लेना अच्छा होता है। आप रोजाना सोने से पहले रात में भाप ले सकते हैं। इससे आप कई बीमारियों से बचे रहेंगे। एक दिन में ही आपको फायदा नजर आने लगेगा।

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  • जानें सर्दी में क्यों पीनी चाहिए Brandy, इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ मिलते है ये 5 फायदे

    जानें सर्दी में क्यों पीनी चाहिए Brandy, इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ मिलते है ये 5 फायदे

    मादक पेय पदार्थों का सेवन करना आपके स्वास्थ्य (Health) के लिए हानिकारक होता है। कहा जाता है कि अगर इन्हें कम मात्रा में पीया जाए तो यह स्वास्थ्य (Health) के लिए अच्छे होते है।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्दियों में ब्रांडी (Brandy) सेहत के लिए अच्छी होती है। अगर सीमित मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो यह कई फायदे करती है, जबकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने से इसके कई साइडइफेक्ट हो सकते हैं।

    1- इम्यून सिस्टम को बूस्ट करती है

    कई लोग सोचते हैं कि शराब पीना हानिकारक है, मगर वैज्ञानिकों ने ब्रांडी के कई हेल्थ बेनिफिट्स की पहचान की है। जिनमें से एक यह है कि ब्रांडी का सेवन करने से इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद मिलती है। ब्रांडी की प्रकृति गर्म होती है और इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी पाई जाती है, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करती है। अगर आप सर्दी-जुकाम और खांसी से पीड़ित हैं तो बहुत कम मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं।

    2- अच्छी नींद लाने में मदद करती है

    खाना खाने के बाद अगर आप ब्रांडी का सेवन करते हैं तो यह आपको अच्छी नींद लाने में मदद करेंगी। ध्यान रहें आपको ब्रांडी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

    3- वजन और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्रांडी में कोई कार्ब्स नहीं होता है और यह कोलेस्ट्रॉल में मदद करता है। इसके साथ यह वजन कंट्रोल करने में भी आपकी हेल्प करता है। इसमें कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट पाएं जाते हैं जो धमनियों से खराब कोलेस्ट्रॉल को हटाता है।

    4- एंटी-एजिंग प्रॉपर्टी

    कहा जाता है कि ब्रांडी में एंटी-एजिंग प्रॉपर्टी भी पाई जाती है, जो आपके चेहरे को नेचुरल ग्लो पाने में मदद करती है और स्किन से झर्रियों और फाइन लाइन्स को हटाने में मदद करती है। ब्रांडी का सेवन करने से आप समय से पहले ज्यादा उम्र के नहीं लगेंगे।

    5- धमनियों में सूजन को कम करती है

    विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रांडी में पॉलीफेनोलिक पाया जाता है, जो धमनियों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को भी कम करता है और दिल से संबंधित बीमारियों से बचाता है।

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  • इस वजह से लोग होते है बार-बार बेहोश, छोटी सी लापरवाही से जा सकती है जान

    इस वजह से लोग होते है बार-बार बेहोश, छोटी सी लापरवाही से जा सकती है जान

    Health Tips: अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग बेहोश (Faint) होकर गिर जाते हैं, ऐसा कई बार हो तो इसे भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्ति के दिल से जुड़ी बीमारी (Heart Disease) का भी संकेत हो सकता है।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक व्यक्ति तब बेहोश हो जाता है जब दिल (Heart) मस्तिष्क (Brain) को उतना ब्लड पंप नहीं कर पाता है, जितने की उसे जरूरत होती है, इसलिए व्यक्ति थोड़े समय के लिए बेहोश हो जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, खासकर तब जब बेहोशी की घटना बार-बार होती है। यह हार्ट के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्ट्रोक या अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है।

    एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि बेहोशी (Fainting) हार्ट डैमेज के अन्य रूप और इसकी इलेक्ट्रिकल सिस्टम (Electrical System) से भी जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, बेहोशी गंभीर चोटों का कारण भी बन सकती है, अगर जल्दी से इलाज न किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।

    क्या है धारणा

    बेहोशी को लेकर एक गलत धारणा यह भी है कि बेहोशी केवल न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स के कारण हो सकती है, इसी वजह से जिन लोगों को यह समस्या होती है तो वो इसे कभी दिल से जोड़कर नहीं देखते हैं और धीरे-धीरे दिल की बीमारियों का शिकार हो जाते है।

    बेहोशी के लक्षण

    -अनियमित दिल की धड़कन 

    -जी मिचलाना

    -चक्कर आना

    -अचानक गिरना

    -कमजोरी

    -अस्थिर महसूस करना

    -दृष्टि में बदलाव होना

    -सिरदर्द

    -पीली त्वचा

    -घरघराहट

    इन बातों का रखें ध्यान

    - जब भी बेहोशी आए उन सभी का रिकॉर्ड रखना आपके लिए जरूरी है, क्योंकि इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी।

    -व्यक्ति जब भी बेहोश हो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि बीमारी को जल्द से जल्द पता चल सके।

    -अचानक बेहोशी की स्थिति में, चोटों से बचने के लिए तुरंत बैठना या लेटना चाहिए। यह मस्तिष्क में रक्त परिसंचरण में सुधार भी सुनिश्चित करेगा।

    -सिंकोप को लाइफस्टाइल में बदलाव, दवा और उपचार के साथ भी प्रबंधित किया जा सकता है। इसलिए, हेल्दी डाइट, वजन कंट्रोल और भरपूर नींद लेनी है और नियमित रूप से व्यायाम करना आवश्यक है।

    -यदि बेहोशी असामान्य रूप से धीमी गति से दिल की धड़कन (ब्रैडीकार्डिया) की वजह से होती है, तो पेसमेकर लगाने को मानक उपचार माना जाता है। दरअसल, पेसमेकर एक छोटा उपकरण है, जिसका उपयोग दिल को विद्युत संकेत भेजकर अनियमित दिल की धड़कन को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है।

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