जगदलपुर। संभाग मुख्यालय जगदलपुर में 10 फरवरी को मनाए गए भूमकाल दिवस समारोह के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रैली में कथित रूप से खूंखार माओवादी लीडर हिड़मा पर आधारित एक गीत बज गया। बताया जा रहा है कि गीत बजने के दौरान कुछ लोग नाचते हुए भी नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बस्तर पुलिस सतर्क हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की सक्रियता
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने यह पता लगाने की कवायद तेज कर दी है कि आखिर यह गीत किसने बजवाया और इसके पीछे किसी की शरारत या साजिश तो नहीं थी। पुलिस ने संबंधित डीजे संचालकों और आयोजन से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि समाज के कुछ पदाधिकारियों को भी तलब कर यह जानकारी ली गई है कि हिड़मा से संबंधित गीत बजाने की अनुमति किसने दी थी।
आदिवासी समाज ने जताई आपत्ति
मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज भी सामने आया है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि रैली के दौरान ऐसा कोई गीत बजाया जाएगा। उनका दावा है कि संभाग भर से आए पदाधिकारी रैली के अग्रभाग में चल रहे थे, जबकि पीछे से यह गीत बजा और कुछ लोग उस पर नाचने लगे।
समाज ने इस घटना को अनुचित बताते हुए भविष्य में ऐसे गीतों का बहिष्कार करने की बात कही है। साथ ही यह भी कहा गया है कि गीत कहां और किसके द्वारा तैयार किया गया, इसकी समाज स्तर पर भी जांच की जाएगी।
पुलिस ने जांच तेज की
जगदलपुर में इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बस्तर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने समाज प्रमुखों के साथ बैठक कर इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने की आवश्यकता जताई है। बस्तर एसपी ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे संबंधित गीत को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।