पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला पूर्ण बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा प्रस्तुत इस बजट में रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक योजनाओं और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री ने पूजा-अर्चना की। वहीं, बजट दस्तावेज को पारंपरिक बंगाली चटाई और जूट से तैयार विशेष फोल्डर में पेश किया गया, जो स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का प्रतीक माना जा रहा है।
कर्ज का आंकड़ा सामने, योजनाएं जारी रखने का भरोसा
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान बताया कि राज्य पर वर्तमान में करीब 8.55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया कि जनहित में चल रही सभी सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखा जाएगा। सरकार का दावा है कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद विकास और कल्याण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा।
एक लाख पदों पर भर्ती की तैयारी
बजट की प्रमुख घोषणाओं में राज्य के विभिन्न विभागों में एक लाख रिक्त पदों को भरने का फैसला शामिल है। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन भर्तियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस कदम को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कर्मचारियों और पेंशनरों को मिली बड़ी राहत
राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कुल डीए 38 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा रहेगी जारी
महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा जारी रखने के लिए बजट में 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ‘पिंक कार्ड’ जारी करेगी। इसके अलावा ग्रामीण विकास से जुड़ी GRAMG योजना के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
पत्रकारों और परिवहन कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान
बजट में सेवानिवृत्त पत्रकारों को प्रतिमाह 5 हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की गई है। साथ ही राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के मानदेय में भी बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि ये कदम विभिन्न वर्गों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
प्रशासनिक ढांचे और पारदर्शिता पर जोर
सरकार ने खनिज संसाधनों की नीलामी को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सभी खदानों की ई-ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कांथी को नया पुलिस जिला और गोपीबल्लभपुर को नया उपमंडल बनाने की घोषणा की गई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में नए फायर ब्रिगेड स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
विकसित और पारदर्शी बंगाल का विजन
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और आधुनिक, विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करना है। बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा बताया गया है।