Umang Singhar Jabalpur: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के खिलाफ विपक्ष का हमला अब आक्रामक होता जा रहा है। जबलपुर प्रवास पर पहुंचे विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने डबल इंजन सरकार पर बड़े सवाल खड़े करते हुए सूबे की सियासत में उबाल ला दिया है। सिंघार ने न केवल आदिवासियों का मुद्दा उठाया, बल्कि हाल ही में चर्चा में आए मुख्यमंत्री मोहन यादव के उज्जैन जमीन विवाद को लेकर भी बड़ा हमला बोला है।
नामांकन और बोर्ड का पेंच
नेता प्रतिपक्ष ने हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में आखिर कौन सा इंजन रास्ते में छूट जाता है कि वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर काम नहीं हो पाता? सरकार यह साफ-साफ बताए कि रानी दुर्गावती का बोर्ड कब लगेगा और कब नामांकन पूरा होगा?
वोट के लिए आदिवारसी?
सिंघार ने आगे बोलते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों को हमेशा केवल वोट बैंक के लिए लुभाती रही है। जबकि आदिवासियों की अपनी परंपराएं, रीति-रिवाज और मान्यताएं हैं, जिनका यह सरकार सिर्फ राजनैतिक फायदा उठाना चाहती है।
सीएम जमीन विवाद पर हमला
हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार की पड़ताल में सामने आए मुख्यमंत्री परिवार के उज्जैन में 167 एकड़ जमीन और 137 प्लॉट के मामले को लपकते हुए उमंग सिंघार ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल दागते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के दो-ढाई साल के अंदर ही किसी के पास इतनी अकूट संपत्ति कैसे जमा हो सकती है? इस पूरे जमीन सौदे की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने ओबीसी सोशल इंजीनियरिंग की पर बोलते हुए सिंघार ने साफ कहा कि भाजपा अंदरूनी रूप से ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं देना चाहती है। यही वजह है कि कोर्ट-कचहरी और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लगातार अटकाया जा रहा है।
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