Yemen Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के फैसले के बाद अब यमन खुलकर ईरान के समर्थन में आ गया है। यमन ने लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले अहम समुद्री मार्ग Bab al-Mandeb Strait को बंद करने की चेतावनी दी है। इस कदम से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
हूती विद्रोहियों का बड़ा संकेत
यमन में सक्रिय Houthi Movement (अंसारुल्लाह) ने संकेत दिए हैं कि यदि ईरान पर दबाव बढ़ाया गया, तो वह इस अहम जलमार्ग पर कार्रवाई कर सकता है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के विश्लेषक Ahmed Nagi के मुताबिक, हूती विद्रोही क्षेत्रीय जल में स्थिति को और गंभीर बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
तेल सप्लाई पर डबल खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाब-अल-मंदेब बंद होता है, तो इसका असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। पहले से ही Strait of Hormuz में तनाव बना हुआ है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। अगर ये दोनों समुद्री रास्ते बाधित होते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल शिपिंग लागत में वृद्धि वैश्विक महंगाई में इजाफा हुआ और सप्लाई चेन भी बाधित हुई है।
इंटरनेशनल शिपिंग पर बड़ा असर
Red Sea से होकर गुजरने वाला बाब-अल-मंदेब दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। इस मार्ग के बंद होने से यूरोप-एशिया व्यापार प्रभावित होगा। कंटेनर शिपिंग में देरी बढ़ेगी, वैकल्पिक लंबा रास्ता (केप ऑफ गुड होप) अपनाना पड़ेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
यमन की चेतावनी केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गई है। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो ऊर्जा संकट गहराएगा, व्यापारिक लागत बढ़ेगी, कई देशों में महंगाई बढ़ सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान पर दबाव जारी रखते हैं, तो यमन के हूती विद्रोही बाब-अल-मंदेब में सैन्य गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। इससे मिडिल ईस्ट में एक बड़ा भू-राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। यमन ने ईरान के समर्थन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई और शिपिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ सकता है।",