Dhar BJP: मध्य प्रदेश भाजपा में अनुशासन और एकजुटता के दावों के बीच धार जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरदारपुर तहसील के लाबरिया-राजोद क्षेत्र की भाजपा मंडल अध्यक्ष आशा शर्मा ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं पर जान से मारने की धमकी, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया है कि पीड़िता को सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की शरण लेनी पड़ी।
2 साल से झेल रहे प्रताड़ना
आशा शर्मा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर को सौंपे आवेदन में बताया कि पिछले दो वर्षों से वे और उनके पति खौफ के साये में जी रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयसूर्या और भाजपा नेता दीपक (दीपक फेमस) पर आरोप लगाया है कि वे लगातार उन्हें डरा-धमका रहे हैं।
विवाद की जड़ क्या?
आशा शर्मा के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। इसके बाद आरोपियों ने उनके घर घुसकर मारपीट की और फोन पर जान से मारने की धमकियां दीं। लगातार मिल रही धमकियों और असुरक्षा के कारण इस भाजपा नेत्री को अपना गांव छोड़कर दूसरे शहरों में आजीविका के लिए भटकना पड़ा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पूर्व में राजोद थाने सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए, लेकिन आरोपियों के रसूख के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जयसूर्या और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर होंगी।
संगठन में मची खलबली
युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर काबिज नेता के खिलाफ अपनी ही पार्टी की महिला कार्यकर्ता के ये आरोप भाजपा संगठन के लिए गले की हड्डी बन गए हैं। इस मामले में जब पत्रकारों ने भाजपा जिला अध्यक्ष निलेश भारती से सवाल किया, तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मैं इस पूरे मामले को दिखवाता हूं। वही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि सत्ताधारी दल के इन रसूखदार नेताओं पर कानून का शिकंजा कसता है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।