सादिक अली, पचमढ़ी : सतपुड़ा की वादियों में बसा पचमढ़ी एक बार फिर एडवेंचर स्पोर्ट्स का केंद्र बन गया है। पहाड़ों और जंगलों के बीच आयोजित हो रहे ‘पचमढ़ी क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0’ ने रोमांच प्रेमियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। यह आयोजन इसलिए खास है क्योंकि इसमें प्रतिभागी किसी बनावटी दीवार पर नहीं, बल्कि पहाड़ों की प्राकृतिक चट्टानों पर अपनी तकनीक, ताकत और संतुलन का प्रदर्शन कर रहे हैं।
देश–विदेश पर्वतारोही भागीदारी
प्रतियोगिता के दूसरे संस्करण में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 40 से 50 अनुभवी पर्वतारोही हिस्सा ले रहे हैं। पुणे, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों के नामचीन क्लाइम्बर्स के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागी भी इसमें शामिल हुए हैं। रूस से आए पर्वतारोहियों की मौजूदगी ने इस इवेंट को वैश्विक पहचान दी है। खास बात यह है कि इस बार नर्मदापुरम जिले के 10 स्थानीय युवाओं को भी राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा है।
संस्थाओं और विभागों का सहयोग
इस रोमांचक आयोजन को द जिप्सी एडवेंचर्स, मध्य प्रदेश टूरिज्म और मस्टैच एस्केप्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। भारतीय पर्वतारोहण महासंघ (IMF) और मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग का मार्गदर्शन इस प्रतियोगिता को मिल रहा है, जबकि स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग एसोसिएशन तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है।
इनाम और ब्रांड सपोर्ट
प्रतियोगिता को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विजेताओं के लिए कुल 1 लाख रुपये की नकद राशि के साथ विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। रेड बुल, डेकाथलॉन, ASC360, बाज़ारविला, डेला एडवेंचर्स और कामधज जंगल कैंप जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स इस आयोजन से जुड़े हुए हैं।
एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान
‘पचमढ़ी क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0’ सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।