सादिक अली, पचमढ़ी : मध्यप्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में नए साल 2026 की शुरुआत कड़ाके की ठंड के साथ हुई है। यहां तापमान तेजी से गिरते हुए शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। रात में पारा गिरने के बाद सुबह होते ही पचमढ़ी के मैदानी इलाकों, घास के मैदानों और खुले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर नजर आई, जिससे पूरा इलाका बर्फिस्तान में तब्दील हो गया।
मैदानों पर जमी बर्फ
सुबह के समय घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की छतों और विंडशील्ड पर बर्फ की परत जमी दिखाई दी। ओस की बूंदें रातभर में जमकर बर्फ में बदल गईं। सूर्योदय के बाद जब धूप निकली, तो दृश्य और भी मनमोहक हो गया, जिसने पचमढ़ी को कश्मीर जैसी वादियों का रूप दे दिया।
सैलानियों की उमड़ी भीड़
इस दुर्लभ नजारे को देखने के लिए सुबह से ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ व्यू पॉइंट्स और खुले मैदानों में जुटी रही। पचमढ़ी घूमने आए सैलानियों ने इसे अपने जीवन का “अविस्मरणीय अनुभव” बताया। ठंड के बावजूद पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
कोहरा नहीं, लेकिन ठंड का असर
हालांकि आसमान पूरी तरह साफ रहा और कोहरा नहीं छाया, लेकिन तेज और सूखी ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। दृश्यता अच्छी होने के कारण पर्यटक खुले तौर पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते नजर आए।
स्कूलों में अवकाश घोषित
कड़ाके की ठंड और तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए जिला कलेक्टर सोनिया मीणा ने एहतियातन स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, 2026 की यह शुरुआत बीते कई वर्षों में सबसे ज्यादा ठंडी मानी जा रही है।