चंडीगढ़। पंजाब इस समय भयंकर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के कारण राज्य के 1000 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं।
राज्य के कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। करीब 96,000 हेक्टेयर फसलें जलभराव के कारण पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। गांवों में सड़कों और घरों तक पानी भर गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
आम आदमी पार्टी ने राहत अभियान के लिए की मदद की अपील
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने लोगों से आगे आकर योगदान देने की अपील की है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक क्यूआर कोड स्कैनर जारी किया है, जिसके माध्यम से लोग सीधे पंजाब मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना योगदान दे सकते हैं। केजरीवाल ने कहा, "यह योगदान बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में उपयोग किया जाएगा।"
सांसद और विधायक देंगे एक माह का वेतन
अरविंद केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि आप पार्टी के सभी सांसद और विधायक अपनी एक महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता इस संकट की घड़ी में पंजाब के लोगों के साथ खड़ा है।
पंजाब की अहमियत को बताया – 'देश की ढाल'
एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने पंजाब की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, "पंजाब केवल एक राज्य नहीं है, बल्कि यह देश की मजबूत ढाल है। जब देश में खाद्यान्न संकट था, तब पंजाब ने हरित क्रांति के जरिए पूरे देश का पेट भरा था। आज वही पंजाब संकट में है।"
उन्होंने आगे कहा, "अब हमारी बारी है कि हम पंजाब के लिए खड़े हों। खेत डूब चुके हैं, किसान तबाह हो गए हैं, हजारों लोग बेघर हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद पंजाबी समुदाय एक-दूसरे की मदद कर रहा है – यही मानवता की सच्ची मिसाल है।"
37 साल बाद देखी इतनी भीषण त्रासदी
पंजाब इस प्रकार की भयावह बाढ़ और तबाही करीब 37 वर्षों बाद देख रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के सामने राहत और बचाव कार्य एक चुनौती बन गया है।
केजरीवाल ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार और आम आदमी पार्टी राहत कार्यों में पूरी ताकत से जुटी हुई है। पार्टी के विधायक, नेता, मंत्री और कार्यकर्ता दिन-रात सेवा कार्यों में लगे हुए हैं।