बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला कर्नाटक की पारंपरिक दैवा परंपरा से जुड़ा है। बेंगलुरु में उनके खिलाफ हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने और चावुंडी दैव परंपरा के अपमान के आरोप में FIR दर्ज की गई है। यह विवाद फिल्म ‘कांतारा’ के पवित्र दैवीय दृश्यों की कथित नकल और मजाक उड़ाने को लेकर सामने आया है।
क्या है पूरा मामला:
आरोप है कि रणवीर सिंह ने सार्वजनिक मंच पर फिल्म कांतारा में दिखाए गए दैवा नृत्य की नकल की और उसमें ऐसे हाव-भाव अपनाए जिन्हें स्थानीय लोगों ने अपमानजनक बताया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने दैवा परंपरा की देवी चावुंडी दैव की तुलना ‘महिला भूत’ से की, जिससे तुलु नाडु समुदाय की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची।
बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स थाने में FIR:
यह FIR बुधवार को बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। शिकायत बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल ने दर्ज कराई है। रणवीर सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, धारा 299, धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
IFFI गोवा कार्यक्रम से जुड़ा है विवाद:
FIR के अनुसार, यह घटना 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित International Film Festival of India (IFFI) के दौरान हुई। मंच पर बातचीत के दौरान रणवीर सिंह ने पंजुरली और गुलिगा दैव से जुड़े हाव-भाव की नकल की, जिसे परंपरा का उपहास माना गया।
कौन हैं चावुंडी दैव:
चावुंडी दैव कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों, खासकर तुलु नाडु में पूजनीय रक्षक देवी मानी जाती हैं। उन्हें न्याय, शक्ति और प्रकृति की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। दैवा परंपरा में चार प्रमुख रक्षक दैव गुलिगा, पंजुरली, चावुंडी, हुली दैव होते हैं, इन्हें सामूहिक रूप से चतुर्मुख दैव कहा जाता है। लोकमान्यताओं के अनुसार, जब प्रकृति और समाज का संतुलन बिगड़ता है, तब चावुंडी दैव का उग्र न्याय सामने आता है।
कोर्ट पहुंचा मामला, 8 अप्रैल को सुनवाई:
यह केस अब बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट को सौंप दिया गया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की तारीख 8 अप्रैल तय की है।
विवाद बढ़ने पर रणवीर सिंह ने मांगी माफी:
मामला तूल पकड़ने के बाद रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा “मैं देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का सम्मान करता हूं। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल ऋषभ शेट्टी और कांतारा के काम की सराहना करना था, न कि किसी परंपरा का अपमान।
क्यों कांतारा से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं लोग:
फिल्म ‘कांतारा’ की सबसे बड़ी ताकत उसकी जड़ें हैं खेती, जंगल, लोकदेवता और पीढ़ियों से चली आ रही दैवा परंपराएं। यही कारण है कि यह कहानी दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश के दर्शकों से जुड़ पाई। रणवीर सिंह से जुड़ा यह विवाद केवल एक फिल्मी मुद्दा नहीं, बल्कि लोक आस्था और सांस्कृतिक सम्मान से जुड़ा संवेदनशील मामला बन चुका है। अब देखना होगा कि अदालत इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाती है।