TMC crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। बागी विधायकों के एक गुट ने बड़ा दावा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया है।
पार्टी में बढ़ा संकट, तीन गुटों में बंटी टीएमसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। पार्टी अब स्पष्ट रूप से तीन गुटों में बंट चुकी है, जिसमें से बागी विधायक गुट, बागी सांसदों का समूह, ममता बनर्जी समर्थक गुट शामिल है,इस बढ़ते टकराव ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को गहरे संकट में डाल दिया है।
बागी गुट का बड़ा फैसला
कोलकाता में हुई एक अहम बैठक में बागी विधायकों ने नया संगठनात्मक ढांचा घोषित किया। इस बैठक का नेतृत्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने किया। इस दौरान बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया गया, अरूप रॉय को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया, नई वर्किंग कमेटी का गठन किया गया। बागी गुट ने यह भी दावा किया कि नई समिति पूरी तरह पार्टी संविधान के अनुसार बनाई गई है और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी।
कौन हैं अरूप रॉय?
अरूप रॉय पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उनका राजनीतिक सफर लंबा और संगठनात्मक रूप से मजबूत रहा है।
शुरुआती जीवन और राजनीति
अरूप रॉय का जन्म हावड़ा, पश्चिम बंगाल में हुआ। उन्होंने राजनीति की शुरुआत छात्र राजनीति से की और कांग्रेस के छात्र संगठन से जुड़े।
टीएमसी से जुड़ाव
1998 में जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी की स्थापना की, तब अरूप रॉय शुरुआती समर्थकों में शामिल हुए। उन्होंने हावड़ा में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
चुनावी सफर
हावड़ा मध्य विधानसभा सीट से लगातार विधायक
2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत दर्ज
कई बार राज्य सरकार में मंत्री रहे
मंत्री पद की जिम्मेदारियां
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में सहकारिता विभाग और कृषि विपणन विभागजैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं।
संगठन के मजबूत नेता माने जाते हैं अरूप रॉय
अरूप रॉय को संगठनात्मक राजनीति का माहिर माना जाता है। हावड़ा जिले में उनकी मजबूत पकड़ है और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक सुलझे हुए और जमीन से जुड़े नेता की रही है। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका स्थानीय जुड़ाव और प्रशासनिक अनुभव माना जाता है, जिसके कारण उन्हें पार्टी का “संकटमोचक” भी कहा जाता है।
नई टीम की घोषणा
बागी गुट ने नई टीम की भी घोषणा की है:
अरूप रॉय – राष्ट्रीय अध्यक्ष
फिरहाद हकीम, रथिन घोष, सबीना यास्मीन – उपाध्यक्ष
ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा – महासचिव
अखरुज्जमान अंसारी – कोषाध्यक्ष
आगे क्या होगा?
बागी गुट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों मे जिला इकाइयों का पुनर्गठन किया जाएगा, नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति होगी, संगठन को नए ढांचे में बदला जाएगा। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और टीएमसी के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।