लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा हुई। शुरुआत में इस विधेयक पर छह घंटे चर्चा तय की गई थी, लेकिन विपक्ष ने अधिक समय की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की सहमति से बहस की अवधि बढ़ाकर 10 घंटे कर दी।
प्रियंका गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनने के बावजूद दोषियों को सजा नहीं मिल सकी।
उन्होंने कहा, "आज हम इस सदन में ऐसे संशोधन पर डिबेट कर रहे हैं, जो 2024 में पारित हो चुका है. जबसे यह पारित हुआ है, तबसे एक भी आरोपी को सजा नहीं हुई है. आपने देखा है कि कल-परसो से छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन पेपर लीक के आरोपियों के साथ यही काम नहीं किया जा रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए. नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा. राधाकृष्णन कमेटी भी बनी थी. इस कमेटी में तो एक गौमूत्र के विशेषज्ञ भी हैं. इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता."
'दिल का एंगल बदलना पड़ेगा'
प्रियंका गांधी ने कहा, "जेनजी का भरोसा जीतने के लिए नए-नए एंगल के वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा. प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा. प्रधानमंत्री को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी. पुलिस की लाठी बच्चों की पीठ पर नहीं, सरकार की साख पर पड़ी है. अपनी साख बचाइए."
युवाओं के भविष्य को लेकर दिया बड़ा बयान
अपने भाषण में उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आपके शासन में बड़ी-बड़ी चोरियां देखी हैं. चुनाव में वोट की चोरी, राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी. किसानों की जमीन की चोरी, लेकिन सबसे बड़ी चोरी तब हुई, जब देश के नौजवानों के भविष्य और उनके सपने चुराए गए."
उन्होंने आगे कहा, "अगर देश का युवा निराश हो गया, उसकी उम्मीद टूट गई तो वह भारत की हार होगी. हम विपक्ष के लोग जान दे देंगे, अगर भारत की हार होगी." इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी करते हुए कहा, "प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की स्पीच की चोरी कर ली."
नए शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, "इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टर को लगातार कमजोर किया. पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई. शिक्षण संस्थाओं में संघ के प्रचारकों को भर-भरकर उसे खोखला बना दिया. एनटीए बनाकर परीक्षा सिस्टम का केंद्रीकरण कर दिया गया. हर साल शिक्षा बजट की हिस्सेदारी घटती चली गई."
इसके बाद उन्होंने कहा, "शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया, और उनका संसद में कल ऐसा स्वागत किया गया जैसे कोई सुपरस्टार पहुंचा हो."
उन्होंने यह भी कहा, "प्रधानमंत्री ने नया शिक्षा मंत्री चुना, एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की." इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा
प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, "हम आरएमएल अस्पताल गए, जहां घायल छात्रों का इलाज चल रहा था. ... मेरी बेटी की बलि चढ़ गई, लेकिन उसे कुछ भी हो जाए, मैं लड़ूंगी."
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, "क्या जरूरत थी उन पर आंसू गैस, लाठियां चलवाने की. लड़कियों के कपड़े फाड़ने की. बच्चियों को जलील करने की. क्या वे आतंकी थे. जवाब दीजिए." भाषण के अंत में उन्होंने कहा, "किसने ऑर्डर दिया पैलेट गन चलाने का. प्रधानमंत्री ने दिया, गृह मंत्री ने दिया. सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं, पूरा देश पूछ रहा है. आपकी जिम्मेदारी बनती है, जवाब दीजिए. क्यों डरते हैं आप नौजवानों से, उनकी आवाज से. ये सदन इस देश की अमानत है, किसी की जागीर नहीं."
सदन में कई बार हुआ हंगामा
प्रियंका गांधी के भाषण के दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने विरोध दर्ज कराया, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सदस्यों से विधेयक पर केंद्रित रहकर चर्चा करने की अपील की। इसके बावजूद एंटी पेपर लीक बिल पर बहस पूरे दिन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी रही।