होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

Sehore News: खेत में आए मगरमच्छ को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट 

Sehore News: खेत में आए मगरमच्छ को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट 

मुकेश प्रजापति, सीहोर: जिले के रेहटी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम चकल्दी में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ पानी की तलाश या रास्ता भटककर खेतों में पहुंचे एक विशालकाय मगरमच्छ को ग्रामीणों ने घेरकर बेहद बेरहमी से मार डाला।

खौफनाक बात यह रही कि ग्रामीणों ने कानून को पूरी तरह हाथ में लेते हुए लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और धारदार हथियारों से मगरमच्छ पर तब तक ताबड़तोड़ प्रहार किए, जब तक कि उसकी सांसें पूरी तरह थम नहीं गईं। इस बर्बरता का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

खेतों में पहुंचा था मगरमच्छ

जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रेहटी क्षेत्र के ग्राम चकल्दी के समीप स्थित कृषि फार्मों की है। आमतौर पर मगरमच्छ नर्मदा नदी या उससे जुड़े स्थानीय बड़े जलाशयों में पाए जाते हैं। लेकिन भीषण गर्मी के इस दौर में पानी के स्रोतों के सूखने के कारण शायद यह मगरमच्छ रास्ता भूलकर सीधे किसानों के खेतों के बीच जा पहुंचा। दोपहर के वक्त जब किसानों और मजूदरों ने खेत के बीच एक भारी-भरकम मगरमच्छ को रेंगते हुए देखा, तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते वहां ग्रामीणों का एक बड़ा हुजूम इकट्ठा हो गया।

ग्रामीण खुद बन गए शिकारी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऐसी स्थिति में जब वन विभाग के नियंत्रण कक्ष या रेस्क्यू टीम को सूचित किया जाना चाहिए था, ग्रामीणों ने इसके बिल्कुल उलट किया। सुरक्षा और आत्मरक्षा का हवाला देते हुए गुस्साई भीड़ ने मगरमच्छ की घेराबंदी कर दी। इसके बाद लोगों ने पत्थरों, भारी लाठियों और धारदार औजारों से उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। बेजुबान जीव अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करता रहा, लेकिन सैकड़ों की भीड़ के आगे उसकी एक न चली और उसने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब पुलिस और वन विभाग के पास साक्ष्य के रूप में पहुंच चुका है।

ग्रामीणों ने कहा जान का था खतरा 

इस घटना को लेकर चकल्दी गांव के किसानों का कहना है कि खेतों में मगरमच्छ के आ जाने से उनकी और फसलों की रखवाली करने वाले मजदूरों की जान पर परमानेंट खतरा मंडरा रहा था। सिंचाई या काम के दौरान वह किसी को भी अपना निवाला बना सकता था, इसलिए डर के मारे उन्होंने यह कदम उठाया। 

एक्शन में वन विभाग, जांच के आदेश

मामला जैसे ही शीर्ष स्तर पर पहुंचा, सीहोर डीएफओ (DFO) अर्चना पटेल ने स्थिति को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से आरोपियों को चिन्हित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। डीएफओ अर्चना पटेल ने मीडिया को बताया कि यह एक बेहद गंभीर और गैर-कानूनी कृत्य है। वन विभाग की एक विशेष फ्लाइंग स्क्वाड और टास्क फोर्स की टीम को तुरंत चकल्दी गांव के लिए रवाना कर दिया गया है।

वायरल वीडियो और तस्वीरों के आधार पर मगरमच्छ पर हमला करने वाले मुख्य आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। घटना स्थल का पंचनामा बनाकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। वन्यजीव की हत्या के इस मामले में दोषियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


संबंधित समाचार