छत्तीसगढ़ के बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक दीपेश साहू अपनी शादी को बेहद सादगी और पारंपरिक अंदाज में करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वे किसी भव्य आयोजन या दिखावे से दूर रहकर सामूहिक विवाह समारोह का हिस्सा बनकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत करेंगे।
24 जोड़ों के साथ एक ही मंच पर लेंगे फेरे
कल 31 मई को आयोजित होने वाले इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू के साथ कुल 24 जोड़े भी सात फेरे लेंगे। यह आयोजन प्रशासन की देखरेख में किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस विवाह को सामाजिक एकता और सरल जीवनशैली की मिसाल माना जा रहा है।
परंपरा और सादगी का अनोखा संगम
विधायक दीपेश साहू ने अपनी शादी में आधुनिक तामझाम से दूरी बनाते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों को प्राथमिकता दी है। विवाह पूरी तरह पारंपरिक पद्धति से संपन्न होगा, जिसमें सभी रस्में पुरानी परंपराओं के अनुसार निभाई जाएंगी।
बैलगाड़ी से पहुंचेगी बारात, बनेगा आकर्षण का केंद्र
इस शादी की सबसे खास बात यह होगी कि विधायक दीपेश साहू अपनी बारात बैलगाड़ी से लेकर पहुंचेंगे। ग्रामीण परंपरा को जीवंत करते हुए लिया गया यह फैसला लोगों के बीच खास आकर्षण का विषय बना हुआ है। बैलगाड़ी से बारात का यह दृश्य कार्यक्रम को और भी अनोखा बना देगा।
बड़े नेताओं की मौजूदगी की संभावना
इस सामूहिक विवाह समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों के भी कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
सादगी का संदेश दे रहे विधायक
विधायक दीपेश साहू का कहना है कि वे अपनी शादी को सादगी, परंपरा और सामाजिक समरसता का उदाहरण बनाना चाहते हैं। उनका उद्देश्य यह संदेश देना है कि बिना दिखावे के भी एक सुंदर और यादगार विवाह संभव है।