Doundilohara Government College: एक तरफ सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं कि वह लगातार छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां करती है। आज भी प्रदेश के कई ऐसे शासकीय महाविद्यालय हैं, जो मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और बदहाल स्थिति में हैं। अब छात्र इन महाविद्यालयों की खराब व्यवस्थाओं को लेकर सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं।
इसी कड़ी में डौंडीलोहारा शासकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में उत्पन्न हो रही बिजली, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर मोर्चा खोल दिया। लंबे समय से महाविद्यालय में कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे विद्यार्थियों ने इनके समाधान नहीं होने का आरोप लगाया है। छात्रों ने पहले प्रशासन की आवाजाही पर रोक लगाते हुए चक्काजाम किया और इसके बाद कॉलेज के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्राचार्य को हटाने की मांग की है।
बिजली-पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन पर बैठे विद्यार्थियों का कहना है कि महाविद्यालय में लंबे समय से कई जरूरी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। खास तौर पर कॉलेज में बिजली और पानी की समस्या को लेकर छात्रों में अधिक आक्रोश है। उनका आरोप है कि समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, लेकिन अब तक उनका उचित समाधान नहीं किया गया है।छात्रों ने प्रशासन के सामने कॉलेज में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में बुनियादी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। इन्हीं समस्याओं से नाराज छात्र-छात्राओं का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया।
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कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ ही विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने प्राचार्य को हटाने की मांग की है।छात्रों के इस विरोध ने कॉलेज में सुविधाओं की कमी के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है और वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
शासकीय कॉलेजों की सुविधाओं पर फिर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों के बावजूद शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कहीं पर्याप्त बिजली और पेयजल की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं भवन, शौचालय, फर्नीचर और अन्य जरूरी संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।ऐसे में डौंडीलोहारा के शासकीय महाविद्यालय में सामने आया छात्रों का आक्रोश महज स्थानीय अव्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह शासकीय कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवालों की ओर भी इशारा करता है।