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साय कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप मिशन को मंजूरी, 500 करोड़ का प्रावधान; सरकारी कर्मचारियों की उम्र सीमा भी बढ़ी

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: स्टार्टअप मिशन को मंजूरी, 500 करोड़ का प्रावधान; सरकारी कर्मचारियों की उम्र सीमा भी बढ़ी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास, निर्यात और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वालों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार देने वाला यानी जॉब क्रिएटर बनाने पर रहेगा। इसके लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नई तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा।

33 जिलों में उद्यमिता केंद्र, 100 टेक्नोलॉजी लैब

कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। मिशन में प्रस्तावित NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने और औपचारिक रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी स्वीकृति दी है। इस नीति का उद्देश्य राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में शामिल करना है। नई नीति के तहत निर्यात से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रदेश के कारोबारियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से राज्य के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।

नवा रायपुर में NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन

मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ सरकारी भूमि निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष करीब 1,000 प्रशिक्षुओं, जबकि अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। इस संस्थान से युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों को उम्र सीमा में राहत

कैबिनेट ने सरकारी और संबंधित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अहम फैसला लिया है। स्थायी और अस्थायी शासकीय कर्मचारी, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिक अब अन्य सरकारी सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करते समय बढ़ी हुई अधिकतम आयु सीमा का लाभ ले सकेंगे। मंत्रिपरिषद ने अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से पात्र कर्मचारियों को दूसरी सरकारी सेवाओं और उच्च पदों पर आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एकीकृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन का रास्ता साफ

कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण से संबंधित भूमि प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दिए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। दोनों भूमि खंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस फैसले के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता आसान होगा। इससे जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।


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