छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव के कुछ लोगों ने एक आदिवासी परिवार पर पारंपरिक आस्था छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने का आरोप लगाया, जिसके बाद सामाजिक विवाद बढ़ गया। हालात बिगड़ने पर संबंधित परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
सात सदस्यीय परिवार प्रभावित
विवाद का केंद्र बने मोहन दुग्गा के परिवार में सात सदस्य हैं, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। परिवार के गांव छोड़ने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं और दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
नारायणपुर जिले में धर्मांतरण को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भरंडा गांव में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जहां कई परिवारों को लेकर सामाजिक तनाव की स्थिति बनी थी। प्रशासन ने उस समय हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई थी और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में पहल की थी।
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बढ़ रही संवेदनशीलता
प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में धर्म परिवर्तन, अंतिम संस्कार और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विवाद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में सामाजिक मतभेद के कारण कानून-व्यवस्था की चुनौती भी बढ़ जाती है। कुछ प्रकरण न्यायालय तक भी पहुंच चुके हैं।
शांति बनाए रखने पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से मामले का समाधान निकालने की कोशिश जारी है।