रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में गुरुवार को महंगाई से लेकर आयुष्मान योजना और महानदी जल विवाद तक कई मुद्दे चर्चा में रहे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने LPG और दूध की कीमतों, आयुष्मान योजना में अस्पतालों पर कार्रवाई, नगर निगम के विवाद, महानदी जल विवाद, धर्मांतरण और RDA जमीन मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
महंगाई पर बोले- अभी और बढ़ने वाली है
LPG और दूध के दामों को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि महंगाई अभी और बढ़ने वाली है और इसे रोकना संभव नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और दूध के दाम बढ़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई कम करने के बजाय लोगों को सलाह देने का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। केंद्र के मुताबिक 27.43 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
आयुष्मान योजना पर सरकार से पूछा सवाल
आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भी भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि योजना में लापरवाही हो रही थी तो पिछले तीन साल से सरकार क्या कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के जिम्मेदार लोग अपने विभागीय काम पर ध्यान देने के बजाय दूसरे मामलों में व्यस्त हैं। बघेल ने जमीन से जुड़े काम और निजी लोगों को मकान दिलाने जैसे आरोप भी लगाए।
निगम विवाद पर कसा तंज
नगर निगम में अधिकारियों और महापौर के बीच विवाद को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार के सुशासन का उदाहरण है। बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि नेताओं की कमजोरियां पकड़ ली गईं और अधिकारियों का इतना दुस्साहस बढ़ गया।
महानदी विवाद पर मुख्यमंत्री से की मांग
महानदी जल विवाद को लेकर होने वाली बैठक के संदर्भ में भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के पक्ष में फैसला कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महानदी से जुड़े कई प्रोजेक्ट अभी रुके हुए हैं। साथ ही उन्होंने जगदलपुर में गर्मी के दौरान पानी की जरूरत का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दिशा में सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार से मांगा ठोस कदम
साहू समाज की ओर से धर्मांतरण को लेकर जताई जा रही चिंता पर भी बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि सरकार सिर्फ गंभीरता दिखाएगी या वास्तव में कोई ठोस कदम भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि समाज अपनी ओर से कदम उठा रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के कदम इतने ठोस हैं कि उठ ही नहीं रहे।
RDA जमीन मामले में केदार कश्यप पर निशाना
रायपुर विकास प्राधिकरण यानी RDA से जुड़े जमीन मामले पर भूपेश बघेल ने मंत्री केदार कश्यप का नाम लेते हुए पुराने एक कथित परीक्षा प्रकरण का भी जिक्र किया। बघेल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान केदार कश्यप से जुड़े मामले को ले-देकर रफा-दफा किया गया था। इसके बाद उन्होंने मौजूदा RDA मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक विवाद से मुश्किल से राहत मिली थी कि दूसरा मामला सामने आ गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर केदार कश्यप से जुड़े मामले बार-बार क्यों सामने आते हैं। भूपेश बघेल के इन बयानों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।