बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। 1 अक्टूबर को बालाघाट के जलगा गांव पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर सरकार पर सवाल उठाए।
प्रदेश में 24 घंटे हो रहा भ्रष्टाचार
आदिवासी परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गाँधी ने साफ़ कहा कि वो लोकसभा में पूरे देश के आदिवासियों का मुद्दा उठाएंगे। मध्य प्रदेश में सरकार फेल हो चुकी है। प्रदेश में 24 घंटे विकास की जगह भ्रष्टाचार हो रहा है।
बच्चे मरे मुआवजा तक नहीं मिला
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत के बाद भी परिवारों को पर्याप्त मदद नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। साथ ही उन्होंने आदिवासी परिवारों की जमीन और वन अधिकार से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
वन अधिकार कानून लागू किया जाएगा
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मप्र में एक योजना में पैसा मिल रहा है तो वही दूसरी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। जबकि सभी जरूरतमंदों तक योजनाओ का लाभ पहुंचना चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि जब भी कांग्रेस की सरकार बनेगी, आदिवासियों की मदद की जाएगी और वन अधिकार कानून (Forest Rights Act) को लागू किया जाएगा। बता दें कि बालाघाट का मामला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के आदिवासी समुदाय से जुड़े अधिकारों और सुविधाओं का विषय है।