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कांग्रेसियों का हल्लाबोल: कलेक्ट्रेट घेराव से पहले रोका मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

कांग्रेसियों का हल्लाबोल: कलेक्ट्रेट घेराव से पहले रोका मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

बलौदाबाजार में सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने कार्यालय से करीब 500 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर मार्च रोक दिया।

कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

कलेक्ट्रेट से पहले पुलिस ने रोका मार्च

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दल कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहा था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत कलेक्ट्रेट से पहले बैरिकेडिंग लगा रखी थी। करीब 500 मीटर पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मौके पर सभा की और अपने आरोपों व मांगों को सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारे भी लगाए गए।

मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित बदलावों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची से चुनिंदा वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इन आरोपों की जांच और मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

देश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर 28 सितंबर को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया था। पार्टी ने SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

विधायक इंदर साव बोले- चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी

प्रदर्शन में भाटापारा विधायक इंदर साव, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुमित्रा धृतलहरे, वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विधायक इंदर साव ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को आगे भी उठाती रहेगी।

'ज्ञानेश कुमार हटाओ' के लगाए नारे

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'ज्ञानेश कुमार हटाओ' समेत कई नारे लगाए। पुलिस बैरिकेडिंग के कारण कलेक्ट्रेट परिसर तक नहीं पहुंच पाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही सभा की।

कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी दोहराई। ये मांगें कांग्रेस के राजनीतिक विरोध और उसके आरोपों का हिस्सा हैं; इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाओं से ही तय होगा।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए पार्टी ने मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़ी अपनी मांगों को सामने रखा।

इस प्रदर्शन को कांग्रेस के उस देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया, जिसके तहत 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों ने जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च और प्रदर्शन का आयोजन किया।


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