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मंडी बोर्ड के MD महेंद्र सिंह सवन्नी को हटाने की मांग, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने राज्यपाल-CM को सौंपा ज्ञापन

मंडी बोर्ड के MD महेंद्र सिंह सवन्नी को हटाने की मांग, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने राज्यपाल-CM को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी को तत्काल पद से हटाने और उनके कार्यकाल से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठी है। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, रायपुर ने सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

मंच ने ज्ञापन में मंडी बोर्ड के MD महेंद्र सिंह सवन्नी के कार्यकाल और सेवा से जुड़े कई मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस दौरान मंडी बोर्ड के कई अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रांत अध्यक्ष डॉ. मलिक राम पोर्ते और अपर संचालक कमलेश इक्का भी इस मौके पर उपस्थित थे।

पदोन्नति को लेकर जांच की मांग

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच का आरोप है कि 2005 की DPC में महेंद्र सिंह सवन्नी को 14वें स्थान पर रखा गया था। संगठन का दावा है कि बाद में नियमों के विपरीत अपील के जरिए उन्हें पहले स्थान पर लाया गया और वर्ष 2005 से 2007 के बीच दो साल में चार पदोन्नतियां दी गईं। मंच ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

16 साल से रायपुर मुख्यालय में रहने का आरोप

ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि महेंद्र सिंह सवन्नी करीब 16 वर्षों से रायपुर मुख्यालय में ही पदस्थ रहे हैं। मंच के मुताबिक इस अवधि में चार कृषि मंत्री और 12 MD बदले, लेकिन सवन्नी का मुख्यालय में पदस्थापन बना रहा। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि GAD के नियमों का उल्लंघन करते हुए पद का दुरुपयोग किया गया और स्वयं के लिए पद सृजित कराया गया। इन आरोपों की भी जांच की मांग की गई है।

रिटायरमेंट के बाद संविदा विस्तार पर सवाल

मंच ने ज्ञापन में महेंद्र सिंह सवन्नी की सेवा अवधि का भी उल्लेख किया। संगठन के अनुसार उन्होंने 1985-86 में सचिव वर्ग 'द' से शासकीय सेवा शुरू की थी और जून 2024 में सेवानिवृत्त हुए। मंच का दावा है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी GAD नियमों के विपरीत उन्हें पांच बार संविदा विस्तार दिया गया। संगठन ने इन संविदा विस्तारों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

कर्मचारियों की शिकायत पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में मंडी बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया गया है। मंच ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर तानाशाही, गाली-गलौज, ट्रांसफर की धमकी और मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें सामने आई हैं। संगठन के अनुसार इस संबंध में नवा रायपुर के राखी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। मंच ने शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग की है।

15 दिन का अल्टीमेटम, दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने सरकार और प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करेगा। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने कहा कि संगठन मंडी बोर्ड से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलन करेगा।


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