सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम तिलसिवां स्थित गुरुकुल पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को जिला प्रशासन ने सील कर तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। संस्थान पर डीएमएलटी और बीएमएलटी के विद्यार्थियों से पूरी फीस लेने के बावजूद उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं होने देने का आरोप है। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में संस्थान का छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
बिना पंजीयन चल रहा था पैरामेडिकल संस्थान
गुरुकुल पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के खिलाफ विद्यार्थियों ने शिकायत की थी कि पूरी फीस जमा करने के बाद भी उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका नहीं दिया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान संस्थान का छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं होने की बात सामने आई। आवश्यक पंजीयन के बिना संस्थान का संचालन किए जाने को नियमों के विपरीत मानते हुए प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला लिया।
CMHO और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने गुरुकुल पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट को सील कर दिया। साथ ही संस्थान का संचालन तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन ने संस्थान के पंजीयन और विद्यार्थियों की शिकायत से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया है।
DMLT-BMLT के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
इस पूरे मामले में डीएमएलटी और बीएमएलटी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की शिकायत सबसे अहम है। विद्यार्थियों का आरोप है कि फीस जमा करने के बावजूद उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित रखा गया। जांच में पंजीयन नहीं होने की पुष्टि के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
हालांकि, अब तक विद्यार्थियों की जमा फीस वापस करने, उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने और परीक्षा में शामिल कराने को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
छात्रों के भविष्य को लेकर अब आगे क्या?
संस्थान सील होने के बाद विद्यार्थियों के सामने अपनी पढ़ाई और परीक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन प्रभावित विद्यार्थियों की फीस, शैक्षणिक रिकॉर्ड और परीक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
यह मामला पैरामेडिकल संस्थानों के पंजीयन और नियामकीय नियमों के पालन की अहमियत भी सामने लाता है। विद्यार्थियों को किसी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और संबंधित काउंसिल में पंजीयन की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।