होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

बस्तर में VIP सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम, 116 नेताओं की सुरक्षा में होगी कटौती

बस्तर में VIP सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम, 116 नेताओं की सुरक्षा में होगी कटौती

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद से जुड़े हालात में बदलाव के बाद राज्य सरकार राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। इसी कड़ी में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती का फैसला लिया गया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार, इस संबंध में गृह विभाग जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी करेगा। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के फैसले से बस्तर के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे प्रभावित होंगे। इनमें कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा सहित कई नेता शामिल हैं।

116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में होगा बदलाव

बस्तर संभाग में राजनीतिक नेताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा की समीक्षा के बाद 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है। जानकारी के मुताबिक, कुछ नेताओं की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी में की जाएगी, जबकि कुछ की सुरक्षा Z से घटाकर Y+ श्रेणी में करने का फैसला लिया गया है। यह कदम क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के आकलन के बाद उठाया गया है। हालांकि, अंतिम व्यवस्था और इससे जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश गृह विभाग के आधिकारिक आदेश के बाद स्पष्ट होंगे।

केदार कश्यप और महेश गागड़ा की सुरक्षा में कटौती

सुरक्षा श्रेणी में बदलाव के तहत छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन नेताओं की सुरक्षा भी Z+ से घटाकर Z श्रेणी में की जाएगी।

कर्मा परिवार की सुरक्षा व्यवस्था भी समीक्षा के दायरे में

बस्तर के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में शामिल कर्मा परिवार की सुरक्षा में भी बदलाव किए जाने की जानकारी है। परिवार को पहले दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर Z श्रेणी में करने की बात सामने आई है। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का भी पुनर्मूल्यांकन किया गया है। सुरक्षा श्रेणी तय करने में संबंधित व्यक्तियों के लिए मौजूद खतरे और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों का आकलन महत्वपूर्ण होता है।

गृह विभाग के आदेश के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव को लेकर छत्तीसगढ़ गृह विभाग की ओर से जल्द आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की बात कही गई है। आदेश सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन नेताओं की सुरक्षा में किस स्तर तक बदलाव किया गया है और नई व्यवस्था कब से लागू होगी। बस्तर में लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं को विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती रही है। अब क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

 


संबंधित समाचार