महेश पठारिया, नेपानगर : नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बोरसर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा शुरू की गई एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने के उद्देश्य से ‘स्टूडेंट सेविंग बैंक ऑफ बोरसर’ का सफल संचालन किया जा रहा है।
12वीं की छात्राएं कर रही संचालन
इस छात्र बैंक की खासियत यह है कि इसका संचालन पूरी तरह से विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्राएं कर रही हैं। बैंकिंग व्यवस्था की तरह यहां भी छात्राएं क्लर्क, कैशियर और मैनेजर की भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रीयकृत बैंक की तर्ज पर लेनदेन, लेखा-जोखा और रिकॉर्ड संधारण किया जाता है।
बैंक की तरह हैं सुविधाएं
बैंक का अपना अलग आईएफएससी कोड है और प्रत्येक विद्यार्थी का व्यक्तिगत अकाउंट नंबर निर्धारित किया गया है। खाताधारकों को पासबुक, जमा पर्ची, निकासी पर्ची के साथ-साथ चेक बुक की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। बैंक सप्ताह में हर बुधवार और शनिवार को स्कूल के मध्यान्ह अवकाश के दौरान संचालित होता है, वहीं आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दिनों में भी बैंक खोला जाता है।
ऐसे खुलता है खाता
खाता खोलने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, समग्र आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो और पालक की सहमति आवश्यक होती है। बैंक का आईएफएससी कोड माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी संस्था कोड पर आधारित है, जबकि अकाउंट नंबर संस्था के डाइस कोड और छात्र के रोल नंबर को जोड़कर तैयार किया गया है। बैंक से जुड़े सभी प्रपत्रों पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की तनाव प्रबंधन हेल्पलाइन और उमंग किशोर हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे छात्र मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहें। 10 या 20 रुपये के गुणक में जमा और निकासी की प्रविष्टियां कैशबुक और पासबुक में दर्ज की जाती हैं।
ब्याज में मिलती है घरेलू सामग्री
विद्यालय के प्राचार्य योगेश पाटील ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों की तरह यहां भी हर तीन माह में एक प्रोत्साहन योजना चलाई जाती है। सर्वाधिक बचत करने वाले तीन विद्यार्थियों को ब्याज के रूप में पेन, कॉपी, संस्था की प्रिंटेड टी-शर्ट और घरेलू उपयोग की सामग्री देकर सम्मानित किया जाता है। इस पहल से विद्यार्थी साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र महाजन ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया है।