बिहार: लगातार बढ़ रही लूट और चोरी की घटनाओं के बीच बिहार सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ज्वेलर्स एसोसिएशन ने फैसला किया है कि अब राज्य की ज्वेलरी दुकानों में चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
हिजाब, नक़ाब और हेलमेट पहनकर एंट्री पर रोक
नए निर्णय के तहत हिजाब, बुर्क़ा, नक़ाब, घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं के साथ-साथ हेलमेट या मुरेठा पहने पुरुषों की भी दुकानों में एंट्री प्रतिबंधित रहेगी। एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
अपराधियों की पहचान बन रही थी चुनौती
ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि हाल के मामलों में यह देखा गया है कि अधिकतर वारदातें चेहरा ढककर आने वाले अपराधियों द्वारा की गईं। सीसीटीवी कैमरों में चेहरा स्पष्ट न दिखने के कारण अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस जांच में आती थी परेशानी
अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, कई मामलों में पुलिस को जांच के दौरान तकनीकी और पहचान संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चेहरा ढका होने की वजह से फुटेज होने के बावजूद अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं।
धर्म या समुदाय से नहीं जुड़ा फैसला
ज्वेलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि यह निर्णय किसी धर्म, महिला वर्ग या समुदाय को निशाना बनाकर नहीं लिया गया है। यह पूरी तरह से व्यापारियों और ग्राहकों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू किया गया नियम है।
अन्य राज्यों में पहले से लागू है व्यवस्था
एसोसिएशन ने बताया कि देश के कई राज्यों और महानगरों में पहले से ही ज्वेलरी दुकानों में हेलमेट पहनकर प्रवेश पर रोक है। बिहार में भी अब इसी तरह की सख्ती लागू की जा रही है। दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों को शांति और सम्मान के साथ लागू किया जाए।
फैसले को लेकर चर्चा तेज
इस निर्णय के बाद सामाजिक स्तर पर बहस भी शुरू हो गई है। जहां एक वर्ग इसे सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम मान रहा है, वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, सराफा कारोबारियों का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।