देशभर के गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025’ का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा लाभ देने के नियम तय किए गए हैं।
राघव चड्ढा ने दी गिग वर्कर्स को बधाई":
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए गिग वर्कर्स को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फैसला गिग वर्कर्स के काम को “मान्यता, सुरक्षा और सम्मान” देने की दिशा में पहला कदम है।
‘भले ही छोटी जीत, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण’:
राघव चड्ढा ने अपने पोस्ट में लिखा “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। यह एक छोटी जीत है, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जीत है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स ने आपकी बात न सुनी हो, लेकिन देश के लोगों और सरकार ने आपकी आवाज सुनी है।” उन्होंने कहा कि ये नियम केवल संसद में मुद्दा उठाने की वजह से नहीं बने, बल्कि इसलिए बने क्योंकि गिग वर्कर्स ने खुद अपनी आवाज बुलंद की।
वीडियो संदेश में क्या बोले राघव चड्ढा:
X पर शेयर किए गए वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा कि कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने गिग वर्कर्स की समस्याओं को नजरअंदाज किया, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनी। उन्होंने इस फैसले को स्वागतयोग्य बताया और कहा कि नए नियमों से गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता और यूनिक पहचान मिलेगी।
संसद सत्र में उठाया था गिग वर्कर्स का मुद्दा:
गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया था कि गिग वर्कर्स अक्सर भारी दबाव और खराब मौसम में भी काम करने को मजबूर होते हैं। उन्होंने इनके लिए सम्मान, सुरक्षा और उचित वेतन की मांग की थी।
सोशल सिक्योरिटी कोड में क्या-क्या शामिल है:
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की स्पष्ट परिभाषा, जीवन बीमा और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा सुविधा, स्वास्थ्य और मैटरनिटी बेनिफिट्स, बुढ़ापे के लिए सामाजिक सुरक्षा, गिग वर्कर्स के कल्याण हेतु सोशल सिक्योरिटी फंड और नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड का गठन शामिल हैं।
डिलीवरी पार्टनर्स के लिए क्या बदलेगा:
Zomato, Swiggy, Blinkit, Uber, Ola जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लाखों वर्कर्स को अब सरकारी स्तर पर सुरक्षा कवच मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में गिग इकॉनमी को और मजबूत करेगा। गिग वर्कर्स के लिए जारी किया गया सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। भले ही यह शुरुआत है, लेकिन इससे देश के करोड़ों गिग वर्कर्स को सम्मान और सुरक्षा मिलने की राह खुलेगी।