रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब इस योजना के तहत लाभ ले रहीं 69 लाख से अधिक महिलाओं का दोबारा सत्यापन (e-KYC) किया जाएगा। सरकार द्वारा यह विशेष अभियान 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान सभी लाभार्थियों को आधार-आधारित ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराना होगा।
e-KYC नहीं कराया तो रुकेगी किस्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लाभार्थी तय समय सीमा के भीतर e-KYC नहीं कराएंगे, उनकी 26वीं किस्त रोकी जा सकती है। इसलिए सभी महिलाओं को समय रहते सत्यापन पूरा करने की सलाह दी गई है।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य:
अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को योजना से हटाना
पात्र महिलाओं तक ही योजना का लाभ पहुंचाना
नाम और बैंक डिटेल्स की त्रुटियों को सुधारना
DBT (Direct Benefit Transfer) प्रणाली को मजबूत करना
कितने लोग होंगे प्रभावित?
योजना से जुड़े कुल लाभार्थी: 69 लाख+ महिलाएं
करीब 4 लाख शेष हितग्राही अभी सत्यापन से बाहर
सभी को e-KYC कराने की सलाह
कहां कराएं e-KYC?
लाभार्थी निम्न स्थानों पर जाकर अपना सत्यापन करा सकते हैं:
नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
आंगनबाड़ी केंद्र
वार्ड या पंचायत कार्यालय
जरूरी दस्तावेज:
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
पंजीकृत मोबाइल नंबर
कैसे करें e-KYC (Step-by-Step):
नजदीकी CSC या आंगनबाड़ी केंद्र जाएं
आधार कार्ड और मोबाइल नंबर दें
बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन कराएं
प्रक्रिया पूरी होने के बाद रसीद प्राप्त करें
घर-घर सर्वे भी जारी
सरकार द्वारा अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे अभियान भी चलाया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को ही मिले।
हर महीने मिलती है 1000 रुपये सहायता
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है। इसके लिए आधार लिंक बैंक खाता होना अनिवार्य है। महतारी वंदन योजना का यह सत्यापन अभियान सरकार की पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है। सभी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा के भीतर अपना e-KYC जरूर पूरा कर लें, ताकि योजना का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे।