होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

स्काउट गाइड जंबूरी टेंडर पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, सदन में तीखी बहस

स्काउट गाइड जंबूरी टेंडर पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, सदन में तीखी बहस

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड रोवर-रेंजर जंबूरी कार्यक्रम को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। कार्यक्रम से जुड़े टेंडर और खर्च के मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए, जिससे सदन का माहौल कुछ समय के लिए गरमा गया।

विधायक उमेश पटेल ने पूछा खर्च और टेंडर का विवरण

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सरकार से जानकारी मांगी कि बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में किन-किन कार्यों पर कितना खर्च किया गया। उन्होंने सामग्रीवार खर्च का विवरण देने के साथ यह भी पूछा कि किन कंपनियों को टेंडर दिया गया और टेंडर की शर्तें तय करने के लिए क्या किसी समिति का गठन किया गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी विशेष फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में बदलाव करने की शिकायत सरकार को मिली है।

मंत्री ने दी लिखित जानकारी

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने लिखित जवाब में बताया कि जंबूरी आयोजन के दौरान एरीना निर्माण, शौचालय, पानी और बिजली की व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, टेंट, डोम, बैरिकेडिंग, भोजनालय और प्रिंटिंग जैसे कार्यों पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए।उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम से जुड़े कार्यों के लिए रायपुर की एक फर्म को लगभग 5 करोड़ 18 लाख रुपये का टेंडर दिया गया था। मंत्री ने कहा कि टेंडर की शर्तें तय करने के लिए समिति बनाई गई थी और किसी भी प्रकार की शिकायत सरकार को प्राप्त नहीं हुई है।

काम पहले शुरू होने पर विपक्ष का आरोप

विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि जंबूरी स्थल पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर कई संरचनाएं पहले से खड़ी हो चुकी थीं, जिससे टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच विधानसभा की उच्च स्तरीय समिति से कराने की मांग की।

भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्काउट-गाइड परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंबूरी आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया में कई बार बदलाव किए गए और जिस फर्म को काम मिला, उसे पहले से इसकी जानकारी होने की आशंका है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर आचार संहिता के दौरान भी काम शुरू कर दिया गया था।

मंत्री ने कहा- प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जंबूरी आयोजन से जुड़े सभी कार्य नियमों के तहत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया जेम पोर्टल (GeM) के माध्यम से की गई, जहां पारदर्शिता बनी रहती है और गड़बड़ी की संभावना नहीं होती। मंत्री ने कहा कि जब किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है, तो जांच कराने की आवश्यकता नहीं है।

 


संबंधित समाचार